टीकाकरण के बाद मासूम की मौत प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। रविवार को सीएमओ टीम के साथ लालूनगला गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीएमओ ने एएनएम से भी बात कर पूरा प्रकरण जाना। सीएमओ ने मामले की जांच जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को सौंपी है। वहीं, मासूम के पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने के कारण विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के लालूनगला गांव निवासी पप्पू का आरोप है कि मिशन इंद्रधनुष में टीकाकरण कराने के बाद उसके मासूम बेटे विराट की मौत हो गई। परिजनों के आक्रोश जताने पर विराट के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन इसमें मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
रविवार को सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत टीम के साथ लालूनगला गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि परिजनों का आरोप है कि गुरुवार को दोपहर तीन बजे करीब विराट को टीका लगाया था। रात में उसकी तबियत खराब होनी शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे विराट की मौत हो गई।
सीएमओ ने इसके बाद एएनएम रजनी से भी बात की और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत ने बताया कि पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि जिस वाइल से विराट का टीकाकरण किया गया था उसी वाइल से दो अन्य बच्चों को भी टीका लगाया गया था।
अन्य बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी सामने नहीं आई है। सीएमओ ने प्रकरण की विभागीय जांच एसीएमओ और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. वीके त्यागी को दी है। रविवार को गांव पहुंची टीम में सीएमओ और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के साथ ही डिप्टी सीएमओ डा. अनवर सादात, बालरोग विशेषज्ञ डा. राजीव अग्रवाल और रजपुरा सीएचसी से दो चिकित्सक शामिल रहे।