रामपुर। चमरौवा विकास खंड के बगी गांव में करीब पांच लाख रुपये की लागत से बने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरआरसी) पर ताले लगे हुए हैं जबकि गांव के प्राथमिक स्कूल के सामने ही प्लास्टिक के साथ ही कूड़े के ढेर लगे हैं। डीएम ने इस मामले में कूड़ा निस्तारण कराने के आदेश दिए थे लेकिन इसके बाद भी कूड़े के ढेर खत्म नहीं हुए।
पॉलिथीन व प्लास्टिक के साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए हर गांव में आरआरसी बनाए गए हैं मगर ज्यादातर की हालत खराब है। चमरौवा विकास खंड के बगी गांव में पांच साल पहले पांच लाख रुपये की लागत से सेंटर का निर्माण कराया गया था। अब ज्यादातर समय इस सेंटर पर ताले लटके रहते हैं।
सेंटर के सामने ही नगर क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय है जिसमें डेढ़ सौ बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल के सामने ही कूड़े के साथ ही प्लास्टिक के ढेर लगे हुए हैं जिससे दुर्गंध भी आती है जिसकी वजह से परेशानी होती है।
आए दिन यहां कूड़े को जला दिया जाता है जिससे इसकी बदबू पूरे गांव में फैलती है। लोग इससे परेशान रहते हैं। खासतौर से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे। सरकारी मशीनरी इस कूड़े को हटवाने को लेकर गंभीर नहीं है जिससे दिक्कत होती है।
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प्रशासन से की जा चुकी है शिकायत
रामपुर। प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका रूही हसीब बताती हैं कि डीएम जब निरीक्षण पर आए थे तब कूड़े की शिकायत हुई थी। उस वक्त कूड़ा साफ करा दिया गया लेकिन बाद में फिर ढेर लग गए। संवाद
बगी गांव का आरआरसी पूरी तरह चालू है। यहां पर प्लास्टिक को एकत्र किया जाता है और फिर उसे सींगनखेड़ा के कूड़ा निस्तारण केंद्र में भेजा जाता है। -नत्थु लाल गंगवार, डीपीआरओ
गांव का सेंटर चालू है। यहां कूड़े के ढेर को हटवा दिया जाता है लेकिन कुछ लोग फिर ढेर लगा देते हैं। इसको हटवाने के लिए नियमित सफाई कराई जाती है। -शमशुल निशा, प्रधान