पीपली वन में उत्तराखंड के लकड़ी तस्करों पर नकेल कसने के लिए वन विभाग प्लान तैयार कर रहा है। चुनाव बाद मंडल भर के नौजवान कर्मचारियों की तैनाती पीपली वन में की जाएगी। घुसपैठ रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन से भी मदद ली जाएगी। संदिग्ध कर्मचारियों को भी चिंहित किया जा रहा है।
पीपली वन में उत्तराखंड के लकड़ी तस्करों की घुसपैठ नहीं रुक पा रही है। वन विभाग के कर्मचारियों ने भी लकड़ी तस्करों के सामने हथियार डाल दिए हैं। वन कर्मचारियों के पास असलहे नहीं और वन माफिया अवैध असलहों से लैस हैं। अधिकतर वन माफिया उत्तराखंड की सीमा से वन में घुसते हैं। वन विभाग के कर्मचारी जब भी अवैध कटान रोकने का प्रयास करते हैं तो लकड़ी तस्कर उन पर हथियारों से अटैक कर देते हैं।
कई हजार क्षेत्रफल में फैले पीपली वन की सुरक्षा में सिर्फ दस कर्मचारी तैनात हैं। अवैध कटान रोकने के लिए वन विभाग एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। चुनाव बाद मंडल भर के नौजवान कर्मचारियों की तैनाती पीपली वन में की जाएगी।
अवैध कटान में वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर भी शक की सुई घूम रही है। संदिग्ध कर्मचारियों को भी चिंहित किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को वन क्षेत्र से हटाकर दूसरे क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा।