रामपुर। थाना समाधान दिवस में लोग रूचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में थाना समाधान दिवस औपचारिकता बन कर रह गई है। थाने स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शासन स्तर से निर्देश है कि एक माह के प्रत्येक दूसरे और चौथे शनिवार को थाना समाधान दिवस आयोजित की जाए। शनिवार को जिले के 16 थानों पर समाधान दिवस का आयोजन किया गया, लेकिन शिकायतें आईं मात्र 18। उसमें से तीन का ही समाधान हुआ।
शनिवार को सभी थानों में थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस कर्मी शिकायकर्ताओं के इंतजार में बैठे रहे। जो शिकायतें भी आईं वो जमीन के विवाद से संबंधित थीं। ऐसे मामलों में लेखपाल से जमीन की पैमाइश कराए जाने का प्रावधान है, लेकिन शनिवार को द्वितीय शनिवार का अवकाश होने की वजह से लेखपाल भी मौजूद नहीं थे। लिहाजा शनिवार को जिले की 16 कुल थानों पर 18 शिकायतें ही आईं, जिनमें से मात्र तीन का समाधान हुआ। थाना समाधान दिवस में लोगों के नहीं आने के सवाल पर एसपी शगुन गौतम का कहना है कि अधिकांश लोग अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंच जाते हैं, इस वजह थाना समाधान दिवस पर कम लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस में तो लोग आते हैं, लेकिन थाना समाधान में नहीं आ रहे हैं। जबकि इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल मार्च महीने से लेकर नवंबर तक थाना समाधान दिवस कोरोना संक्रमण की वजह से बंद रहा था। हो सकता है कि अभी लोगों को पूरी जानकारी ना हो कि फिर से थाना समाधान दिवस शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में लोगों को और जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक थाना स्तर से थाना समाधान दिवस के बारे में लोगों को बताया जाएगा।