मिलक पालिका अध्यक्ष दीक्षा गंगवार ने कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां पर आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है। कभी पालिका में ताले जड़ दिए जाते हैं तो कभी जेल भिजवाया जाता है। इतना ही नहीं वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारी सीज कर उन्हें अध्यक्ष पद से बर्खास्त भी करवा दिया गया। पालिकाध्यक्ष ने यह आरोप प्रेसवार्ता कर हाईकोर्ट से अध्यक्ष पद पर बहाल किए जाने के आदेश जारी होने का हवाला देते हुए लगाए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कोई गलत काम नहीं किया गया इस कारण कोर्ट से उन्हें हर बार न्याय मिला है।
गुरुवार को प्रेसवार्ता के दौरान मिलक नगर पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार ने अपने खिलाफ की गई कार्रवाइयों के लिए कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां पर आरोप लगाए। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि 2012 में पालिका चुनाव के दौरान ऐलान किया था कि वह मुझे जेल भेजेंगे, हमारे चुनाव जीतने के बाद हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और जेल भी भेजा गया। हालांकि कुछ दिन बाद ही मुझे जमानत मिल गई।
बाद में ईओ और क्षेत्रीय सपा विधायक के बीच विवाद हुआ। रात में नगर पालिका में ताले जड़ दिए गए। लेकिन, इस मामले में भी हमें हाईकोर्ट से राहत मिली। कोर्ट की सख्त टिप्पणी पर प्रशासन ने मजबूरी में कोर्ट के आदेश पर 24 घंटे में ताले खुलवाए। इसके बाद फिर उनके खिलाफ साजिश की गई।
विधायक विजय सिंह के लेटर पैड पर शिकायत कराई गई और बिना किसी जांच के हमारे वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए। यह सिर्फ इसलिए किया गया, क्योंकि हमने साप्ताहिक बाजार में मांस की बिक्री के लाइसेंस जारी नहीं किए। जबकि लाइसेंस इसलिए जारी नहीं किए गए क्योंकि उक्त बाजार में तीन धार्मिक स्थल हैं। ऐसे में मांस बेचे जाने से धार्मिक भावनाएं आहत होतीं, इसको लेकर लोगों में रोष भी था।
दीक्षा गंगवार ने कहा कि कुछ माह पूर्व एक बार फिर हमें तीन बिन्दुओं की जांच रिपोर्ट में आरोप सिद्ध कर नियम विरुद्ध तरीके से बर्खास्त कर दिया गया। जिस पर एक बार फिर कोर्ट से हमें न्याय मिला और कोर्ट ने अध्यक्ष पद पर बहाल करने के आदेश दिए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गंगवार, नरेंद्र गंगवार, राजीव मांगलिक, मोहन लोधी, हंसराज पप्पू, अजय तिवारी, भारत भूषण गुप्ता, प्रेमशंकर पांडे मौजूद रहे।