जानलेवा बुखार और डेंगू पैर पसारता जा रहा है। इसकी चपेट में आकर लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। अब शनिवार की सुबह दढि़याल के पर्वतपुर गांव के कक्षा चार के छात्र की डेंगू से मौत हो गई। वो 15 दिन से बुखार से पीड़ित था। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पर्वतपुर निवासी किसान राजेन्द्र सिंह के तीन बच्चों में सबसे बड़े दस वर्षीय बेटे नितिन कुमार को 15 दिन पहले बुखार आया था। निजी चिकित्सकों से उपचार कराने के बाद भी बुखार नहीं उतरने पर उसे काशीपुर (उत्तराखंड) में उपचार को भर्ती कराया गया। काशीपुर के चिकित्सकों के छात्र में डेंगू लक्षण बताते हुए मेरठ रेफर कर दिया।
बाद में परिजन छात्र को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ले गये। शनिवार की सुबह साढ़े सात बजे छात्र ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों ने छात्र को डेंगू रोग होना बताया। टांडा सहित क्षेत्र में जानलेवा बुखार से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
दढ़ियाल के पर्वतपुर में छात्र की मौत के साथ ही बुखार से मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी संख्या में मौत के बाद भी नालियों में मच्छर मार दवा को छिड़काव ही किया है। तहसील क्षेत्र के एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में खून की जांच का बंदोबस्त तो दरकिनार, बुखार की दवा तक नहीं मिलने के कारण रोगियों को बाजार से दवा खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मलेरिया, डेंगू सहित खून की जांच करने की व्यवस्था करने की मांग नगर विकास मंत्री से की है। भोट थाने के सिपाही रोहित कुमार को कुछ दिनों से बुखार आ रहा है। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने उसे मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। थाना प्रभारी मुकुंद मिश्रा ने बताया कि रोहित व राहुल शर्मा में डेंगू बुखार के लक्षण पाए गए हैं। उनका उपचार चल रहा है।