बर्फीली हवाओं से शुक्रवार को भी राहत नहीं मिल सकी। प्रशासन द्वारा छुट्टी न किए जाने के बाद ठिठुरते हुए नन्हे मुन्ने बच्चे स्कूल पहुंचे, जिससे उनको दिक्कत हो रही है। दिनभर निकली धूप भी लोगों को शीतलहर से राहत नहीं दे सकी। इधर, स्वार में फज्र की नमाज पढ़ने गए वृद्ध की ठंड लगने से हालत बिगड़ गई। परिजन निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी की मौत हो गई।
पहाड़ों पर हुई बर्फवारी का असर मैदानी इलाकों में अभी भी साफ दिख रहा है। पिछले तीन दिन से शीतलहर का प्रकोप जबर्दस्त तरीके से जारी है। शुक्रवार को सुबह से ही कोहरा छाया हुआ। साथ ही बर्फीली हवाओं के झोंके भी लोगों को कंपकंपाते रहे। तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक खिसक कर आ गया। कड़ाके की ठंड के बीच ही बच्चे स्कूल तक ठिठुरते हुए पहुंच रहे हैं। सर्द भरी हवाओं ने उनकी दिक्कत को बढ़ा दिया है। दिन भर चली हवाएं लोगों को परेशान करती रहीं। उन स्कूल के बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो रही है जो खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
हालांकि सुबह हुए कोहरे के बाद दिन भर धूप निकली रही, लेकिन धूप भी कड़ाके की ठंड ने लोगों को राहत नहीं दी। इतनी कड़ाके की ठंड के बाद भी रामपुर के जिला प्रशासन को ठंड नहीं लग रही है। रामपुर छोड़ मंडल के सभी जिलों में स्कूल इन दिनों बंद चल रहे हैं,लेकिन रामपुर में छुट्टी न होने की वजह से बच्चे खासे परेशान हैं। शुक्रवार की सुबह भी बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल तक पहुंचे।
इधर, तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर फरीदपुर निवासी 85 वर्षीय हाजी इश्त्यिाक शुक्रवार को फज्र की नमाज पढ़ने मस्जिद में गए थे जहां उन्हें ठंड लगने पर खून की उल्टी आ गई। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए और उन्हें उपचार के लिये रामपुर चिकित्सालय ले गये जहां उपचार के दौरान वृद्ध की मौत हो गई। ठंड लगने से वृद्ध की मौत की सूचना पर एसडीएम गजेंद्र कुमार ने लेखपाल को गांव भेजकर अवगत कराने का आदेश दिया।