दफ्तरों में पहले अफसर पहुंचेंगे और फिर कर्मचारी। यानि अफसर सुबह नौ बजे से ही समस्याएं सुनेंगे। कर्मचारी बाद में आकर सरकारी कामकाज करेंगे। इस संबंध में नए जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने इस तरह की व्यवस्था की है। डीएम ने कहा कि सरकारी दफ्तर सुबह दस बजे से ही खुलेंगे लेकिन जिला स्तरीय अफसर अपने कुछ चुनिंदा कर्मचारियों के साथ सुबह नौ बजे ही दफ्तर पहुंच जाएंगे और समस्या सुनेंगे।
प्रदेश सरकार ने जन समस्याओ का तत्कालिक निस्तारण कराने के लिए जिला स्तरीय अफसरों को सुबह नौ बजे से दफ्तर में मौजूद रहकर समस्याएं सुनने का आदेश दिया है। यहां पर यह आदेश लागू भी हो गया है,लेकिन तमाम दफ्तरों में इसका पालन नहीं हो रहा है। फिलहाल इस बीच जिलाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। साफ किया है कि जिला स्तरीय, खंड विकास स्तरीय अधिकारी सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंचेंगे इस दौरान वे दफ्तर के कुछ कर्मचारियों को भी बुला सकते हैं,लेकिन सरकारी दफ्तरों मे तैनात कर्मचारियों के आने का समय पुराना ही रहेगा।
अधिकारी आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को सुनवायी के दौरान अपने साथ बुला सकते हैं। शेष कर्मचारी एवं अधिकारी अपने समय से कार्यालय आएंगे। उन्होंने कहा कि इस आशय का आदेश जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यालयों की साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था तथा कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करायेंगे तथा बैठको में अधिकारी खुद भाग लें प्रतिस्थानी को किसी भी दषा में न भेजंे तथा कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
अधिकृृत अधिकारी से अवकाश लेने के बाद ही मुख्यालय छोडेंगे तथा बैठकों में भाग लेने के लिए किसी अधिकारी को नामित करेंगे। डीएम ने बताया कि आज कुल 57 लोगों की िशकायतें प्राप्त हुई जिसमें तहसील से सम्बन्धित शिकायतें सभी उप जिलाधिकारी को भेजते हुए यह निर्देश दिए गए हैं कि उनका निस्तारण गुणवत्ता युक्त ढंग से निर्धारित समय के अंदर किया जाय।