जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाखन सिंह और मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष के करीबी लाल सिंह ने शुक्रवार को डीएम कोर्ट में नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के बाद इसकी जांच कराई गई। जांच के बाद दोनों नामांकन-पत्रों को वैद्य घोषित कर दिया गया।
चार जनवरी को नामांकन वापस लिया जा सकता है। यदि किसी प्रत्याशी ने नामांकन वापस नहीं लिया तो लाल सिंह और लाखन सिंह के बीच मुकाबला तय है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने का काम हुआ।
35 सदस्यों वाली जिला पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी ने अवकाश प्राप्त प्रिंसिपल लाखन सिंह को मैदान में उतारा है। मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने अपने करीबी लाल सिंह को मैदान में उतारा। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर करीब एक बजे सपा प्रत्याशी के रूप में लाखन सिंह नामांकन दाखिल कराने पहुंचे।
सपा नेता नसीर खां और जिलाध्यक्ष अखिलेश की मौजूदगी में लाखन सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। लाखन सिंह ने नामांकन के दो सेट दाखिल किए। लाखन सिंह के प्रस्तावक और अनुमोदक के रूप में जिला पंचायत सदस्य मिसबाउल हक और नेहा कश्यप रहीं।
लाखन सिंह के साथ सपा नेता नसीर खां, जिलाध्यक्ष अखिलेश के साथ नगर पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद, नगर विकास मंत्री आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, पूर्व विधायक अफरोज अली खां, गुड्डू मसूद, शाहजेब खां समेत अन्य सपाई शामिल रहे।
इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम के साथ लाल सिंह नामांकन कराने पहुंचे। लाल सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल कराया। उन्होंने नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल किए हैं। उनके नाम के प्रस्ताव के रूप में खुद हाफिज अब्दुल सलाम और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जाहिदा सलाम रहीं।
लाल सिंह के साथ मुस्तफा हुसैन समेत अन्य समर्थक मौजूद रहे। नामांकन पत्रों को दाखिल करने के बाद नामांकन पत्रों की जांच का काम किया गया, जिसके बाद इन पर्चों को वैध घोषित कर दिए गए। इस दौरान कलेक्ट्रेट में भारी गहमागहमी रही। सभी प्रत्याशी और उनके समर्थकों को कड़े सुरक्षा प्रबंध के बीच गुजारा गया।