रामपुर। शत्रु संपत्ति के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया है। शनिवार को बढ़ी हुई धाराओं में वारंट नहीं बन सका। अब इस मामले की सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
यह मामला शत्रु संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड रूम के अभिलेखों में हेराफेरी और साक्ष्य मिटाने का है। पुलिस ने अग्रिम विवेचना के बाद आजम खां के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की तीन नई गंभीर धाराएं 467 (दस्तावेजों की जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज को सच्चा बताना) और 201 (साक्ष्य मिटाना) बढ़ा दी थीं।
अदालत ने इन धाराओं में आजम को 20 सितंबर 2025 को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। इस मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से धाराएं बढ़ाने का विरोध किया गया। कहा गया कि धाराएं बढ़ाने के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट गए हैं। इसलिए वारंट न बनाए जाएं।
इसके साथ ही तीन मामलों की सुनवाई एक साथ करने की मांग की। कोर्ट ने इस मामले में सपा नेता के खिलाफ फिलहाल बढ़ी धाराओं में वारंट नहीं बनाया है। कोर्ट ने इस मामले में सपा नेता आजम खां को व्यक्तिगत रूप से एक अक्तूबर को तलब कर लिया है।