रामपुर। मुजफ्फरनगर के अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड का इंतजाम न होने के बाद वहां का एक परिवार रामपुर आकर जिला अस्पताल मेें भर्ती हो गया। इसमें एक बच्ची स्वस्थ भी हो गई। परिवार के सदस्य इससे बहुत खुश हैं।
मुजफ्फरनगर की रहने वाली पल्लवी, उनके पति सचिन और उनकी बेटी गौरा तीनों लोग कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन मुफ्फरनगर के किसी अस्पताल में बेड नहीं मिल सका। फिर उन्होंने रामपुर जिला चिकित्सालय में संपर्क किया, जहां से उन्हें बेड उपलब्ध होने की सूचना मिली। वे बिना देर किए पांच मई को जिला चिकित्सालय के एल-2 हॉस्पिटल में अपने पति और बेटी के साथ एडमिट हो गई। पल्लवी राय बताती हैं कि कोरोना संक्रमित होने के बाद उनके पति के स्वास्थ्य में अचानक काफी गिरावट होने लगी, जिस पर उन्हें कहीं बेड की उपलब्धता न होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
तब उन्होंने रामपुर जिला चिकित्सालय में फोन पर संपर्क किया और बेड उपलब्ध होने की सूचना पाकर यहां आईं और पांच मई से अपना, अपने पति का और अपनी बेटी का इलाज करा रही हैं। बेटी गौरा कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुकी है तथा उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। पल्लवी ने बताया कि जिला चिकित्सालय स्थित कोविड हॉस्पिटल में उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ बेहतर माहौल मिल रहा है। डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य की मानिटरिंग कर रहे हैं। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। समय पर खाना, समय पर चादर बदलना और नियमित रूप से ऑक्सीजन लेवल की जांच करने के साथ साथ अत्यंत संवेदनशील होकर डॉक्टर एवं नर्स स्टाफ द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है।