रामपुर में अब नई जेल नही बनेगी। यह घोषणा प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने की है। इस घोषणा के साथ ही जहां चीनी मिल की जमीन पर रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी वहीं दूसरी ओर इस फैसले के सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां के लिए भी झटका माना जा रहा है क्योंकि यह प्रोजेक्ट उनके लिए काफी मायने रखने वाला माना जाता रहा है।
सपा सरकार में घनी आबादी से जेल को शिफ्ट करने के लिहाज से फैसला लिया गया था कि रामपुर की जेल को नैनीताल रोड स्थित राज्य चीनी निगम की जमीन पर बनाने की मंजूरी कराई गई थी। जेल बनाने के लिए सरकारी कवायद लगभग पूरी हो चुकी है और जेल का निर्माण कार्य शुरू भी कराया जा चुका था,लेकिन जमीन से कब्जे हटाने को लेकर मामला कानूनी पेचदगियों में फंस गया था, जिसके बाद जेल बनाने की कवायद लंबे समय से अटकी पड़ी थी।
चीनी मिल की जमीन को खाली कराने को लेकर काफी समय तक विवाद भी चला था। अब यूपी में सरकार बदलते ही पूर्व सरकार के फैसलों को पलटना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं सिंचाई यांत्रिकी राज्यमंत्री बलदेव सिंह ने रविवार को मक्का मिलस्थित कार्यालय में घोषणा की कि चीनी मिल की जमीन पर जेल नहीं बनेगी। नई जेल को लेकर उठ रहे विवाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया और पूरी बात बताई जिसके बाद सीएम ने भी इस प्रोजेक्ट पर फिलहाल काम न शुरू करने की बात कही है।
मंत्री के मीडिया प्रभारी अजय तिवारी के मुताबिक जो जमीन जेल के लिए आवंटित की गई है उसे किसी दूसरे काम में सदुपयोग में लाया जाएगा। साथ ही इस जमीन पर बने क्वार्टर में रहने वाले लोगों को तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक सरकार इन लोगों के रहने की कोई अलग व्यवस्था न कर दे। फिलहाल इस घोषणा से यहां रहने वाले लोगों तो राहत है लेकिन आजम खां को इससे गहरा झटका लगा है। भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गंगवार,राकेश सरन मिश्रा, कपिल आर्य, अवधेश शर्मा, राजीव मांगलिक आदि मौजूद रहे।