कहीं हंगामा तो कहीं मारपीट की नौबत। दिनभर का इंतजार फिर भी निराशा मिली। यह नजारा था छुट्टी के बाद सोमवार को खुले बैंकों का। कई बैंक तो बिना कैश के ही खुले, जिसके चलते लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा और जहां पर कैश था, वहां जमकर धक्कामुक्की हुई।
रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक खुले थे। सुबह से ही बैंकों के आगे लोगों की कतार लगनी शुरू हुई और सुबह दस बजे तक कतार इतनी लंबी होती चली गईं कि लोग सड़कों तक आ गए। सुबह दस बजे बैंकों ने अपना कामकाज शुरू किया। सुबह से कतार में लगे लोगों को एक-एक कर कैश जमा और निकालने का काम शुरू किया गया।
दोपहर 12 बजे भी काफी भीड़ देखी गई। शाम छह बजे तक कतार लगी हुई थी और लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई दफा यहां पर धक्कामुक्की हुई और कई दफा लोग आपस में भिड़ते हुए नजर आए। ज्यादातर बैंकों के यही हालात रहे। कई बैंकों ने तो सुबह से ही नो कैश के बोर्ड लगवा दिए गए, जिसकी वजह से उनको काफी मायूसी हुई।