रामपुर। जिलाधिकारी हर विभाग में निरीक्षण कर कर्मियों को कार्य के प्रति गंभीर रहने और किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दे रहे हैं और कलक्ट्रेट में ही जिलाधिकारी कार्यालय से कुछ दूरी पर एनआईसी दफ्तर के कर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। जिले से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए बनाई गई एनआईसी वेबसाइट पर कर्मियों की लापरवाही के चलते गलत सूचनाएं प्रदर्शित हो रही हैं। एनआईसी वेबसाइट पर अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबरों की सूची अपडेट नहीं की गई है, जिससे जिले से स्थानांतरित व नौकरी छोड़कर जाने वाले अधिकारी भी वेबसाइट के अनुसार आज भी रामपुर में काम कर रहे हैं।
एनआईसी की वेबसाइट के अपडेट न होने का मामला पहले भी सुर्खियां बटोरता रहा है। इसके बावजूद कर्मी कार्यशैली नहीं सुधार रहे हैं। आलम यह है कि नौकरी से इस्तीफा देने वाले पूर्व में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रितिक वर्मा आज भी एनआईसी रामपुर की फोन डायरेक्टरी में रामपुर में इस पद पर कार्यरत हैं, और उन पर शाहबाद के बीडीओ का भी चार्ज है। जबकि पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का चार्ज अब जगत भूषण श्रीवास के पास है। इसी प्रकार रामपुर से तबादला होकर संभल गए जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम को आज भी एनआईसी वेबसाइट इस पद के साथ-साथ बीडीओ स्वार के पद पर दिखा रही है जबकि अब जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर जगत भूषण श्रीवास तैनात हैं। डूडा के पीओ आदित्य कुमार का भी तबादला हो गया है, लेकिन एनआईसी वेबसाइट पर वो आज भी रामपुर में पीओ डूडा हैं। इतना ही नहीं सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी सिंघल एनआईसी के अनुसार अब भी कार्य कर रहे हैं। एक्सईएन प्रथम विद्युत वितरण खंड प्रथम सचिन कुमार भी एनआईसी के अनुसार रामपुर में ही कार्यरत हैं और सीओ सिटी आशुतोष तिवारी हैं। डीपीआरओ वीरेंद्र सिंह हैं लेकिन, एनआईसी वेबसाइट पर डॉ. शरनजीत कौर डीपीआरओ हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस का पद रिक्त छोड़ा हुआ है। इन सभी अधिकारियों के बदले हुए एक-दो दिन बल्कि करीब महीने भर से अधिक का समय हो चुका है।