लखनऊ। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के खिलाफ प्रस्तावित सरकारी कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा है कि यदि किसी संस्थान से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक आपत्ति है तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से किया जाना चाहिए। बोर्ड ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में नहीं है।
खदरा स्थित जामियतुल कुर्रा में आयोजित बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मोहम्मद यूसुफ अजीजी कादरी ने यह बात कही।
बैठक में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और मतभेदों का समाधान संवाद तथा कानूनी प्रक्रिया के जरिये होना चाहिए। पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।