बिलासपुर। नगर पालिका परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए करीब 58.89 करोड़ रुपये की आय और 41.20 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया गया, जिसमें 17.69 करोड़ रुपये के लाभ का अनुमान जताया गया। पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल ने बजट समेत सभी आठ प्रस्तावों को सदन से स्वीकृत करा लिया। हालांकि, दो सभासदों ने बैठक पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए हंगामा किया और सदन का बहिष्कार कर दिया।
शनिवार को पालिका सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता पालिकाध्यक्ष मित्तल ने की। ईओ डॉ. नितिन कुमार गंगवार ने पिछली बैठक की कार्रवाई पढ़कर सुनाई, जिसकी सदन ने पुष्टि की। इसके बाद सफाई, प्रकाश, जलापूर्ति, कूड़ा निस्तारण समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
सदन ने आवारा कुत्ते पकड़ने, चार नए शौचालय बनाने, पार्क एवं शहीदों की प्रतिमाएं लगवाने, पालिका परिसर में मीटिंग हॉल व रिकॉर्ड रूम बनाने, नालों के चौड़ीकरण के लिए बिजली के पोल शिफ्ट करने और अतिक्रमण पर जुर्माना लगाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
बैठक में बबीता रानी, सरबजीत कौर, अमन वर्मा, रुखसाना, जाकिर हुसैन, नाजिम खान, मीनाक्षी रस्तोगी, वसीम, सांसद प्रतिनिधि अथर अली खां सहित कई सभासद और अधिकारी उपस्थित रहे।
दो सभासदों ने किया बैठक का बहिष्कार
नगर पालिका परिषद की शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में दो सभासदों ने जमकर हंगामा किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। सभासद मोहसिन खान और फैजान खां ने पालिका प्रशासन पर फर्जी बैठकें और फर्जी प्रस्ताव पास करने का आरोप लगाया। दोनों सभासदों का कहना था कि पिछली बैठक छह मार्च 2025 को हुई थी, जिसके बाद पूरे साल कोई बैठक नहीं हुई, जबकि अभिलेखों में बीच में एक और बैठक दिखाई गई है, जिसकी तिथि भी अंकित नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं हो रही हैं और इसकी शिकायत वह उच्चाधिकारियों से करेंगे। वहीं, पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल ने दोनों सभासदों के आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया।