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Rampur News: जौहर यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के लिए जुटी थी मुलायम की मजबूत कैबिनेट, अब ध्वस्तीकरण की नौबत

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18 सितंबर 2006 को हुआ था यूनिवर्सिटी का शिलान्यास, सीएम के साथ-साथ आए थे 30 से ज्यादा मंत्री
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नवाज अनवर

रामपुर। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद आजम खां का यह ड्रीम प्रोजेक्ट फिर चर्चाओं में है। चर्चाएं उस वक्त भी कम नहीं थी, जब 18 सितंबर 2006 को रामपुर में इस यूनिवर्सिटी की संगे बुनियाद रखी गई थी। तब ऐसा लगा था कि उत्तर प्रदेश की पूरी सरकार रामपुर में थी। उस समय हुए भव्य समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने पूरा समय दिया था। साथ ही यूपी के 30 से ज्यादा मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहे थे।

शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। सीआरपीएफ कैंपस में हेलीपेड की व्यवस्था की गई थी। इस कैंपस से लेकर जौहर यूनिवर्सिटी तक के रास्ते में दर्जनों स्वागत द्वार और जगह-जगह मुलायम सिंह यादव और आजम खां के आकर्षक कटआउट लगे थे। तब की सरकार के तीन चौथाई मंत्रियों की रामपुर में मौजूदगी के कारण कैबिनेट और प्रमुख सचिवों की लंबी फौज से रामपुर की अवाम ने तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां की सूबे की सरकार पर पकड़ का अहसास किया था।
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वक्त बदला तो उस दौर के सबसे ताकतवर मंत्री के खिलाफ मुकदमों की फेहरिस्त लंबी होती चली गई। वह ही नहीं उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा, बेटे अब्दुल्ला आजम को भी जेल के सीखचों के पीछे पहुंचना पड़ा। डॉ. तजीन फात्मा फिलहाल जेल से बाहर हैं, जबकि आजम और अब्दुल्ला अब भी सजा काट रहे हैं। आजम परिवार की इन स्थितियों के बीच अब जौहर यूनिवर्सिटी भी खतरे में आ गई। आरडीए वीसी की भूमिका में डीएम ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दे दिया है। अब यूनिवर्सिटी ही नहीं, उसमें पढ़ने वाले और पढ़ाने वालों के भविष्य पर भी अनिश्चितता गहरा गई है।

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साल 2012 में मिला था विश्वविद्यालय का दर्जा

18 सितंबर 2006 को जौहर यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के बाद शासन से विश्वविद्यालय का दर्जा वर्ष 2012 में मिला था। इसके बाद मई 2013 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) ने इसे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा भी प्रदान किया था। यूजीसी से भी मान्यता 2012 में ही मिल गई थी। इस यूनिवर्सिटी का संचालन जौहर ट्रस्ट के हाथ में है।

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जौहर ट्रस्ट में पूरा आजम परिवार, तीन ही बाहर के

जौहर ट्रस्ट की अध्यक्ष आजम खां की बहन निकहत अफलाक हैं। विवादों में फंसने से पहले आजम खुद ही अध्यक्ष थे। इसके अलावा सचिव का पद आजम के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम के पास है। आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ट्रस्टी हैं। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद सिद्दीकी हैं, जबकि संयुक्त सचिव नसीर अहमद खां (सपा विधायक चमरौवा ), कोषाध्यक्ष जावेद उर रहमान खां हैं।

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यूनिवर्सिटी में दबी मिली थी पालिका की मशीन

आजम खां पर दर्ज मुकदमों की बढ़ती संख्या के बीच जांच-पड़ताल के क्रम में सितंबर 2022 में जौहर यूनिवर्सिटी में खोदाई के दौरान नगर पालिका की सफाई मशीन दबी मिली थी। यह मशीन सपा शासनकाल में शहर की सफाई के लिए करोड़ों में खरीदी गई थी। बाद में इसे चोरी-छिपे यूनिवर्सिटी के अंदर दबा दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने आजम खां और उनके बेटे समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया था। फिलहाल इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है।
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जौहर यूनिवर्सिटी एक नजर मेंःःः
कुल क्षेत्रफल 300 एकड़

पहला शैक्षिक सत्र वर्ष 2012 में

इस समय कुल विद्यार्थी संख्या करीब तीन हजार

इन कोर्सों की सुविधाः बीए, एमए, बीएएलएलबी, बीएससी, एमएससी, एमकॉम, डी-फार्मा, बी-फार्मा, एम-फार्मा, बीएड, एलएलबी, डिप्लोमा इन नर्सिंग। बीटेक, एमटेक, डिप्लोमा, पाॅलीटेक्निक, बीसीए, बीबीए, एमबीए, मास्टर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल

कुल फैकल्टी : करीब 90
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