मुख्तार अब्बास नकवी शनिवार को पूरी तरह होली के मूड में थे। उन्होंने विरोधियों पर तंज भी कविता के माध्यम से कसा। कहा कि ‘ये खलनायक नायक बनकर हमको मिटा रहे हैं, ये खलनायक नायक बनकर हमको सता रहे हैं, लोगों की लाशों की ढेर पर खुशियां मना रहे हैं। इस राष्ट्रवाद के सागर से तुम अमृत कलश निकालो, पीकर मिटा दो असुरों को जो तुमको मिटा रहे हैं।’
केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री नकवी ने होली मिलन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। राज्यपाल-आजम खां प्रकरण पर कहा कि ये बड़े लोगों की बात है, हम जैसे छोटे लोग कुछ नहीं कह सकते। राज्यपाल प्रदेश के प्रथम नागरिक हैं, उनका कहा अंतिम है। उत्तराखंड में सरकार गिराकर की साजिश के आरोप पर कहा कि कांग्रेस पहले घरेलू पार्टी थी फिर घरौंदा हो गई।
पहले उसमें दागी नेता थे, अब बागी हो गए हैं। सरकार बनाने के सवाल पर कहा कि अभी राज्यपाल की ओर से मौजूदा सरकार को दिया गया समय बाकी है। यूपी विधानसभा चुनाव में सीएम के लिए एक ही चेहरा सामने लाया जाएगा। होली मिलन समारोह में केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने न सिर्फ होली की बधाइयां दी, बल्कि होली गीत गाकर कार्यकर्ताओं संग फूलों की होली भी खेली।
आपसी सौहार्द के साथ रहने की अपील की। नकवी के शंकरपुर स्थित आवास पर शनिवार को होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। किसी ने काव्यपाठ किया तो किसी ने अपने अनुभव साझा किए। चुटकुलों और हास्य किस्सों से भी हंसी के रंग निकले। मिलक से आए चंद्रप्रकाश शर्मा ने कहा कि चहुं दिशाओं में रंगों की बरसात आया मस्ती भरा होली त्योहार है।
शांति लाल चौहान ने कहा कि साथ रहनिया ए संग के साथी, दया मेरे पे फेर दियो, देश के ऊपर जान झोंक दी लिखके चिठ्ठी मेरी गेर दियो। रोशनलाल ने कहा कि होली की अपबन बहारें रंग बरस रहो है चारों रंग फैली हरियाली कूकन कोयल काली काली। सूर्यप्रकाश पाल ने भी हास्य काव्यपाठ किए। नकवी ने फूल चलने लगे दिल मचलने लगे चेहरे-चेहरे पर रंग ए गुलाल आ गया, गीत के साथ फूलों की होली की शुरुआत की।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, बलदेव औलख, काशीराम दिवाकर, ख्यालीराम लोधी, राकेश मिश्रा, हंसराज पप्पू, कपिल आर्य, शिवबहादुर सक्सेना, ज्वालाप्रसाद गंगवार, जागेश्वर दयाल दीक्षित, राजू शर्मा, महासिंह राजपूत, लक्ष्मी सैनी, भारत भूषण गुप्ता, प्रदीप भारद्वाज, उमेश गुप्ता, दीक्षा गंगवार, नरेंद्र गंगवार, हरीश गंगवार आदि मौजूद रहे।