सीओ आफिस के पीछे तहसील में एक वकील के चैंबर में वकील के मुंशी द्वारा दिनदहाडे़े एक किसान को मौत के घाट उतारने के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी मुंशी सप्पन कुमार मंडल उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया है। मुंशी ने किसान द्वारा खतौनी न मिलने पर की जा रही गालीगलौज से चिढ़कर हत्या करने की बात स्वीकारी है। पुलिस ने कत्ल में प्रयुक्त दरांती को भी बरामद कर आरोपी का चालान कर दिया है।
गौरतलब है कि सीओ कार्यालय के पीछे तहसील के चैंबर नंबर छह में कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मानपुरओझा निवासी अधिवक्ता दीपांकर बैरागी प्रेक्टिस करते हैं। उनके साथ ही उनके ही गांव का सपन कुमार मंडल उर्फ सोनू भी मुंशी के रूप में काम करता था। तीन अप्रैल की पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे खजुरिया थाने के ग्राम वेदपुर निवासी किसान गुरमेज सिंह (45) अपने गांव के जागीर सिंह के साथ बाइक द्वारा वकील के चैंबर में पहुंचा था। उस वक्त चैंबर में वकील का मुंशी सोनू था। जागीर आधार कार्ड की फोटो काफी कराने के लिए चैंबर से बाहर चला आया था। इस दौरान गुरमेज व सोनू के बीच जमीन की अमल दरामद के बाद खतौनी को लेकर विवाद हो गया था।
इस दौरान सोनू ने गुरमेज की दरांती से ताबड़तोड़ कई प्रहार करके हत्या कर दी थी और दरांती समेत भाग गया था। जबकि, सिख संगठन उप्र की बैठक प्रदेश महासचिव वीर सिंह बिर्क की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें वक्ताओं ने गुरमेज सिंह की दिनदहाड़े सीओ कार्यालय के पीछे हत्या होने पर पुलिस व प्रशासन की निंदा की थी। उन्होंने मांग की थी कि निर्मम हत्या करने वाले को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए तथा बैठक में संरक्षक तजिंद्र सिंह बिर्क, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा, मलकीत सिंह, सुखबंत सिंह, गुरभेज सिंह, दारा सिंह, जसविंद्र सिंह पन्नू आदि ने भाग लिया था।