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48 घंटों तक अंधेरे में सैकड़ों गांव, लोग परेशान 

Sun, 03 Jun 2018 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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मिलक में हादसे को जावत दे रहैं आंधी में टूटी बिजली के पोल।
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तूफान की तबाही से उबरने में बिजली विभाग को दो दिन लग गए। 48 घंटों जिले के सैकड़ों गांवों में अंधेरा पसरा रहा। रविवार को सभी क्षेत्रों की आपूर्ति सामान्य हो सकी। इस दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

शुक्रवार को तूफान आया तो पूरे जिले की बिजली व्यवस्था ठप हो गई थी। अजीतपुर बिजली घर क्षेत्र में 33 केवी लाइन के पांच और एलटी लाइन के भी पांच खंभे टूट गए। शाहबाद गेट, रजा इंटर कालेज, सिविल लाइंस, पहाड़ी गेट, बिलासपुर गेट, किला बिजलीघर क्षेत्रों में बिजली के कई खंभे ध्वस्त हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों में तो बिजली की हालत और भी दयनीय हो गई।
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गांवों में 11 हजार से लेकर 33 हजार तक की लाइनें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। अधिकतर लाइनें पेड़ गिरने से गिरीं थीं। कुछ लाइनों के चैनल, क्रासफार्म आदि भी पूरी तरह खराब हो गए। इंसुलेटर पंक्चर हो गए। इसके अतिरिक्त बिलासपुर, शाहबाद, स्वार, टांडा, सैफनी, मसवासी, दडिय़ाल, भोट, खौद, मिलकखानम, डूंगरपुर, मिलक, धमौरा, सिहारी, दुर्गनगला, सैदनगर, पटवाई, केमरी सहित सभी जगह बिजली लाइनें और खंभे काफी संख्या में गिरे थे, जिसकी वजह से ब्लैकआउट हो गया था।  

ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति तो दूसरे दिन भी सामान्य नहीं हो सकी थी। लिहाजा, रविवार को भी सुबह से ही कर्मचारियों ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया। दिनभर की मशक्कत के बाद स्वार तहसील, धमोरा, सिहारी, पिपला शिवनगर आदि बिजलीघर क्षेत्रों के फाल्ट दूर हो सके और आपूर्ति सुचारु हुई।
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इस बीच लगातार 48 घंटे तक बिजली गुल रहने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिशासी अभियंता एसके गोयल का कहना है कि नुकसान काफी अधिक हो गया था, जिस वजह से वक्त लगा। अब सभी क्षेत्रों की सप्लाई सामान्य हो गई है।
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