पटवाई में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। इमाबाड़ों में पूरी रात मर्सियां पढ़ीं और न्याज नज्र दिलाई गई। नदनऊ, मथुरापुर, नवाबनगर, मदारपुर, चंडका, बिचपुरी समेत कई गांवों के ताजिये पटवाई पहुंचे। इसके बाद ताजियों का बड़ा जुलूस बन गया। जुलूस में पटवाई के भी ताजिये शामिल हो गए।
ताजियों का जुलूस कर्बला की जानिब रवाना हो गया। अजादारों ने कर्बला में मातम किया। जुलूस के दौरान शाहबाद-रामपुर मार्ग पर काफी देर के लिए जाम भी लगा रहा। जुलूस में नसीम मियां, मोहम्मद मियां, हाजी इकबाल, मोहम्मद इस्लाम, बच्छन, साजिद हुसैन, अमीर अहमद, मोहम्मद अहमद, मजहर खां, जमर खां भी शामिल थे।
घोसीपुरा, नवाबगंज, बहपुरा खिरका, नानकार, बहपुरी, गौसमपुर समेत समेत कई गांवों में गांवों का ताजियों का जुलूस निकाला गया। 10वें मोहर्रम पर तमाम गांवों में ताजियों का जुलूस निकाला गया। ताजिये कई रास्तों से गुजरते हुए खौद-काशीपुर कर्बला पहुंचे। अजादारों ने मातम किया और लंगर लुटाया गया।
गमगीन माहौल में सींगनखेड़ा, हकीमगंज, मिश्रीनगर, मिलक बहादरगंद, खौद, आंगा, काशीपुरा, बेनजीर, रवन्ना, जगतपुर गांवों से निकाले गए ताजियों का जुलूस कर्बला पहुंचा। ताजियों में शीरनी, चादर और सेहरे चढ़ाकर मन्नतें मांगी। नगलिया आकिल गांव की करबला में रतनपुरा, मुरसैना, कुम्हरिया, कुचैटा, खिमोतिया, अलीनगर शुमाली, देवरनिया, बगरौवा के ताजिये पहुंचे। इसी तरह खेमपुर की करबला में कई गांवों के ताजिये पहुंचे।