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मनरेगा कर्मियों को घोषित किया जाए फ्रंटलाइन वर्कर

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रामपुर। उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर जिले के मनरेगा कर्मियों ने भी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। मनरेगा कर्मियों ने विकास भवन में उपायुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा) को मांग पत्र सौंपकर मनरेगा कर्मी को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किए जाने समेत अनेक मांगें कीं गईं। मांगे पूरी न होने तक कार्य करने में असमर्थता जताई है।
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सोमवार को उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर मनरेगा के समस्त संवर्गों के जिला अध्यक्षों के साथ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, लेखाकार, तकनीकी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रोजगार सेवकों ने संयुक्त रुप से उपायुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा) को ज्ञापन दिया, जिसमें कहा गया कि समस्त मनरेगा कर्मचारी कोरोना काल में सामाजिक सुरक्षा के अभाव में कार्य करने में असमर्थता जता रहे हैं। साथ ही सरकार द्वारा उनकी मांगों को भी पूर्ण नहीं किया जा रहा है। इसलिए जब तक सरकार द्वारा निम्न मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक समस्त मनरेगा कार्मिक काम करने में असमर्थ हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि कोरोना से मृतक हुए मनरेगा कर्मियों के परिजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा और योग्यता अनुसार रिक्त पदों पर समायोजन में प्राथमिकता दी जाए। मानदेय वृद्धि की जाए। न्याय पंचायत स्तर पर ट्रांसफर व्यवस्था की जाए। साथ ही मनरेगा कर्मी को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें। कोरोना महामारी को देखते हुए जीवन बीमा का लाभ दिया जाए। जेम पोर्टल द्वारा भर्ती को रोका जाए। ई-सेवा पुस्तिका जारी की जाए और ईपीएफ योजना का क्रियांवन कराया जाए। इस मौके पर मोहम्मद आसिफ, राजीव कुमार, पुनीत दीक्षित, शुभम शंखधर, मोहम्मद इस्माईल, धर्मेंद्र, अमित कुमार वर्मा, कुलदीप, रिजवान अली, दानिश, चरन सिंह आदि मौजूद रहे।
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