सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को डेढ़ बजे रामपुर पहुंचे। उन्होंने आजम खान के आवास पर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने मिशन 2022 के तहत और आजम खान की यूनिवर्सिटी के सम्मान में रामपुर से साइकिल रैली का आगाज किया।
जनसभा स्थल पर आजम खान की पत्नी और बहु भी साथ में मौजूद रहीं। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश को बदलना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री योगी पहले खुद को बदलें। उन्होंने कहा कि हमने आमजन की सुरक्षा के लिए 100 नंबर चालू किया, जो न्यूयार्क से बेहतर थी, लेकिन उन्होंने 112 कर दिया। समाजवादियों की गाड़ी, वही टायर, वही इंतजाम...ये कैसा बदलाव किया।
आज के कार्यक्रम में उन्होंने एक बार फिर यह स्वीकार किया कि बड़े दलों के साथ गठबंधन का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। इस वजह से अब वो इन दलों से दूरी बनाकर रखेंगे। आगामी चुनावों में छोटे और स्थानीय दलों को तरजीह देंगे। भाजपा से नाता रखने वाले दलों से भी उन्होंने दूर रहने की बात कही।
'यदि मुख्यमंत्री लाल टोपी लगा लें तो ज्यादा खूबसूरत दिखेंगे'
मुख्यमंत्री के लाल टोपी पर की गई टिप्पणी पर बोलते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि समाजवादियों को कहा गया कि ये लाल टोपी वाले गुंडे हैं। कहना चाहता हूं कि ये जो लाल टोपी वाले हैं, वह लोकतंत्र को बचाने वाले हैं। योगी का नाम लिए बगैर कहा कि जो बिना बालों वाले हैं, वह लोकतंत्र को खत्म करने वाले हैं। यदि मुख्यमंत्री लाल टोपी लगा लें तो ज्यादा खूबसूरत दिखेंगे। यह भी कहा कि हमने कभी ये नहीं कहा कि काली टोपी वाले, काले दिल वाले हैं।
उन्होंने कहा कि आज सरकार को अगर कोई बात पसंद न आई तो वह चाहें पत्रकार हो, समाजसेवी हो या राजनेता हो उसे जेल जाना पड़ेगा। आज ऐसे कानून बनाए जा रहे हैं, जिससे हमें प्राइवेट कंपनियों के हाथ में सौंपा जा रहा है। पहले ईस्ट इंडिया कंपनी आई थी और हम गुलाम हो गए थे। उसी तरह लोकतंत्र पर संकट है। यदि लोकतंत्र को बचाना है तो पहले उत्तर प्रदेश को बचाना होगा और यह तभी होगा जब सरकार बदलेगी। कहा कि सरकार बदलने के लिए हमें बूथ स्तर तक मजबूत होना होगा।
आजम खां को फंसाया गया: अखिलेश
जनसभा में अखिलेश ने कहा कि देश में पहले किसी सांसद पर इतने मुकदमे एक साथ दर्ज नहीं हुए, जितने आजम खां के खिलाफ हुए हैं। उन्हें इसलिए फंसाया गया है, क्योंकि उन्होंने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना कराई। लेकिन, अब इस सरकार के ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। हमने जब-जब साइकिल चलाई है तो बड़ा बदलाव आया है।