जिले में अवैध खनन करने वाले माफिया की जड़ें कहीं न कहीं लखनऊ में बैठे किसी आका की वजह से मजबूत हैं। शायद इसीलिए प्रशासन चुप होकर बैठा है और अवैध खनन को रोक पाने में माफिया के आगे नतमस्तक है। एक तरफ खनन न होने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रातों रात खनन करके डंपरों से ढोया जा रहा है। यही नहीं खनन से रेलवे और सड़क यातायात को भी खतरा पैदा हो रहा है। खटीमा पानीपत मार्ग पर रेलवे और सड़क पुलों के पास खनन होने से पुलों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। लेकिन अफसर फिर भी चुप बैठे हैं।
स्वार और टांडा तहसील क्षेत्र में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पट्टी कला खटीमा पानीपत राष्ट्रीय राज मार्ग कोसी नदी के पुल के आसपास खनन माफिया रात दिन अवैध रूप से जेसीबी मशीनों से अवैध खनन कर रहे हैं। लगातार हो रहे अवैध खनन से पुल के नीचे गहराई अधिक हो जाने से पिलर कमजोर हो गये है।
उत्तराखंड को जोड़ने वाला यूपी पुल अब काफी खस्ता हालत में पहुंच गया है। पुल के नीचे ओर उत्तर ओर दक्षिण दिशा में खनन निकाले जाने से पुल के नीचे काफी गहरे गड्ढे हो गये है। लेकिन कोसी में पानी चलने की वजह से गड्ढों का पता नही चल पाता, कोसी पार करते समय तमाम पशु डूब कर मौत के हवाले हो चुके हैं। जबकि पुल के आसपास खनन प्रतिबंधित है। लेकिन खनन माफियाओं के चलते पुलिस प्रशासन खमोश है। और दिन रात खनन का काम धड़ल्ले से किया जा रहा। जहां रेलवें विभाग ने रेलवें पुल को खतरा देख पिलरों की मरम्मत का कार्य किया।