रामपुर। नगर पालिका के सभासदों के विरोध के बाद एजेंडा लिपिक पर गाज गिर गई है। उन्हें पद से हटाते हुए मूल पद पर भेज दिया गया है। इसके अलावा कई अन्य मुद्दों को लेकर भी सभासदों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि, देर रात तक चली बैठक में सभासदों ने प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें तीन प्रस्ताव निरस्त हो गए, जबकि एक प्रस्ताव में संशोधन हुआ।
रविवार को दोपहर दो बजे नगर पालिका बोर्ड की बैठक थी। लिहाजा, सभासदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। किन्तु, दोपहर तीन बजे तक नगर पालिका के तमाम अधिकारी बैठक में नहीं पहुंच सके। सभासदों ने इसको लेकर विरोध जताया और रोष जताना शुरू कर दिया। हालात यहां तक पहुंच गए कि सभासद नगर पालिका के खिलाफ धरने पर बैठ गए। गुस्साए सभासदों का कहना था कि हर बार वह बोर्ड की बैठक में अपने अपने वार्ड की समस्याएं लिखकर देते हैं, लेकिन उनकी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। रविवार को तो बैठक से तमाम अधिकारी ही गायब रहे। हालांकि, सभासदों के इस विरोध के बाद अधिकारी बैठक में पहुंच गए। एजेंडा लिपिक मंजूर नकवी ने प्रस्ताव संख्या एक से लेकर 16 तक एक एक कर पढ़े, जिस पर तमाम सभासदों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि पिछली बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद भी एजेंडा लिपिक मंजूर नकवी ने प्रस्ताव को बोर्ड की कार्यवाही से अलग कर दिया, जो अनुचित था। ऐसे में बोर्ड की ओर से अपील की गई कि एजेंडा लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिसके बाद एजेंडा लिपिक को हटाने पर सहमति बनी। इसी तरह निर्माण विभाग के बाबू विश्वनाथ शर्मा को भी हटा दिया गया। इसके अलावा बैठक में 16 प्रस्ताव रखे गए, जिसमें से 12 प्रस्तावों पर तो सहमति बन गई, लेकिन बाकि प्रस्तावों पर चर्चा का सिलसिला जारी रहा। अंत में प्रस्ताव संख्या तीन अधिवक्ताओं के बिल से संबंधित प्रस्ताव पास नहीं हुआ। इसके अलावा प्रस्ताव संख्या 15 बी अम्मा काम्प्लेक्स और प्रस्ताव संख्या 16 जिससें होर्डिंग्स बैनर से संबंधित प्रस्ताव शामिल थे, उन्हें निरस्त कर दिया गया। जबकि, प्रस्ताव संख्या 11 में नलकूपों को सिर्फ तीन माह के डीजल की आपूर्ति से संबंधित बिलों के भुगतान के प्रस्ताव पर सभासदों ने राय रखी, जिसके बाद सभासदों की राय के अनुसार प्रस्ताव में संशोधन कर दिया गया। इस दौरान सभासद तनवीर गुड्डू समेत सभी सभासद मौजूद रहे।