मुरादाबाद। तीन दिन पहले पाकबड़ा थानाक्षेत्र के क्योर अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण महिला की मौत मामले में सीएमओ ने कार्रवाई की है। जिस मीर अस्पताल से महिला रेफर होकर आई थी, उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अस्पताल संचालक डॉ. हयातुल्ला ने एडी हेल्थ को पूछताछ में बताया कि वह पांच अस्पतालों में सर्जरी करने जाते हैं। इससे पोस्ट ऑपरेटिव केयर में लापरवाही उजागर हुई।
डॉक्टर ने यह भी स्वीकार किया कि वह अमरोहा के जिला अस्पताल में भी संविदा के तहत सेवाएं देते हैं। एडी हेल्थ की संस्तुति पर सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने मीर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। दूसरी ओर क्योर अस्पताल के संचालक डॉ. अब्दुल माजिद पर लगे आरोपों में भी विभाग ने जांच पूरी कर ली है। डिप्टी सीएमओ डॉ. विकास सिंह ने सोमवार को जांच आख्या सीएमओ को सौंपी। इसके बाद डॉ. माजिद की सर्जरी प्रैक्टिस को जिले में निलंबित करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि अब वह आने वाले कई माह तक कोई सर्जरी नहीं कर पाएंगे। जांच में पाया गया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ व बाल रोग विशेषज्ञ की मौजूदगी के बिना उन्होंने महिला की सिजेरियन डिलीवरी की। दूसरे अस्पताल में मौत की जानकारी हुई तो स्टाफ समेत अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। महिला के परिजनों द्वारा कई बार कॉल करने पर भी अस्पताल नहीं पहुंचे। डॉ. अब्दुल माजिद जनवरी 2024 में आयुष्मान भारत योजना में घोटाला करने पर भी फंस चुके हैं। तब वह पाकबड़ा में मिशन के नाम से अस्पताल चलाते थे। घोटाले में एक अस्पताल बंद हुआ तो डॉक्टर ने पाकबड़ा थाना क्षेत्र में ही क्योर नाम से दूसरा अस्पताल खोल लिया।
एक डॉक्टर यदि पांच-छह स्थानों पर कार्य करेगा तो निश्चित रूप से पोस्ट ऑपरेटिव केयर में लापरवाही होगी। जांच में पाया गया कि मीर अस्पताल के संचालक अमरोहा के जिला अस्पताल में भी सेवाएं देते हैं। एडी हेल्थ की संस्तुति पर उनके अस्पताल का पंजीयन निरस्त किया गया है। डॉ. अब्दुल माजिद के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ