सपा शासन में कराए गए कई कामों में नियमों के उल्लंघन पर विरोधियों के आरोपों से चौतरफा घिरे पूर्व कद्दावर मंत्री आजम खां के मीडिया प्रभारी काफी आहत हैं। आजम पर रोज नए हमले हो रहे हैं।
फसाहत अली खां शानू ने जज्बाती होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से खत लिखा है। खत में आजम खां की ओर से गरीब बच्चों के लिए खोले स्कूलों और शिक्षा संस्थानों का जिक्र करते हुए मार्मिक अपील की गई है कि इन्हें सियासी वजह से निशाना न बनाया जाए। शानू ने सीएम को संबोधित यह खत अपनी निजी हैसियत में लिखा है। इस खत को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। फिलहाल, आजम खां ने इस खत पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पूर्व मंत्री आजम खां इन दिनों चौतरफा घिरे हैं। रसूख का इस्तेमाल कर मदरसा आलिया की जमीन को 90 साल के लिए पट्टे पर लेने, शत्रु संपत्ति कब्जाकर जौहर युनिवर्सिटी तामीर करवाने, वक्फ संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने, बिजलीघर को जौहर विवि के परिसर में लाने के साथ ही बेटे अब्दुल्ला आजम की उम्र को लेकर किए गए सवाल उन्हें परेशान कर रहे हैं। शासन-प्रशासन इन मामलों में जांच कर रहा है।
आजम खां का परेशान होना स्वाभाविक है। आजम के करीबी भी बेचैन हैं। समझा जा सकता है कि आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू की बेचैनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से खत लिखने के रूप में निकली है। खत में कहा गया है कि रामपुर जब शिक्षा के अंधकार में डूब रहा था तो आजम खां बच्चों की शिक्षा का इंतजाम किया। शहर में स्कूल बनवाए। लेकिन, स्कूलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पत्र में कहा कि उनसे जो बदला लेना है लीजिए पर स्कूलों को निशाना मत बनाइए।