मदरसा आलिया (ओरियंटल कालेज) के भवन को जौहर ट्रस्ट को 90 साल के लिए लीज पर दिए जाने के विवाद के बाद अब मदरसा आलिया की लाइब्रेरी में रही बहुमूल्य किताबों के गायब होने का मामला सामने आया है।
आरोप लगाया गया है कि इन किताबों को जौहर यूनिवर्सिटी ले जाया गया है। इसकी शिकायत करते हुए डीएम से सरकारी किताबों के खजाने की चोरी कर ले जाने का आरोप लगाया है। तंजीम अवामे अहले सुन्नत के सदर मोहब्बे अली नईमी ने डीएम से इस मामले में एफआईआर कराने की मांग की है। बता दें कि आजम खां के विरोधी उन्हें घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मदरसा आलिया के भवन को 90 साल तक के लीज पर लिए जाने के दस्तावेज सामने आने के बाद मदरसा के किताबी खजाने के गायब होने पर आपत्ति उठाई गई है। तंजीम अवामे अहले सुन्नत के सदर मोहब्बे अली नईमी ने डीएम से इस मामले में एफआईआर कराने की मांग की है। पत्र में कहा कि मदरसा में बहुमूल्य किताबों का खजाना था।
मिश्र स्थित दुनिया की सबसे बड़ी इस्लामिक यूनिवर्सिटी से लेकर मलेशिया, इंडोनेशिया आदि तमाम देशों से नवाब रामपुर द्वारा मंगाई गई किताबें थीं। एक भी किताब अब मदरसा पर नहीं हैं, जौहर ट्रस्ट ने मदरसा की इमारत पर कब्जा किया इसके साथ ही किताबें भी जब्त कर लीं, नईमी ने कहा है कि मुझे पता चला है कि यह किताबी खजाना जौहर विवि में रख लिया गया है। लीज मदरसा की इमारत की हुई है, किताबों की नहीं, किताबें चोरी करके ले जाई गई हैं, इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की मांग उठाई गई है।