रामपुर। चर्चित महिला सिपाही लता हत्याकांड में मुख्य आरोपी दान सिंह जमानत के लिए सेशन कोर्ट पहुंच गया है। सेशन कोर्ट में जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 31 जुलाई को होगी। कोर्ट इससे पहले तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
यह मामला गंज थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव से जुड़ा है, जहां नैनीताल से लौटते समय एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की लपटों में घिर गई थी। कार में सवार श्रावस्ती में तैनात महिला सिपाही लता और उसके तीन वर्षीय बेटे लड्डू की जलकर मौत हो गई थी। उस समय घटना को सामान्य दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों और पुलिस जांच ने पूरे मामले को हत्या की सुनियोजित साजिश साबित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया था कि महिला सिपाही लता की हत्या किसी हादसे का परिणाम नहीं थी, बल्कि पहले से रची गई योजना के तहत उसे मौत के घाट उतारा गया था। जांच के बाद पुलिस ने मिलक थाना क्षेत्र के बेरहटा गांव निवासी उसके पति दान सिंह समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस बहुचर्चित प्रकरण में साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
इस मामले में तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज होने के बाद मुख्य आरोपी और महिला सिपाही लता सिंह के पति दान सिंह की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। बुधवार को जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
इससे पहले कोर्ट पटवाई थाना क्षेत्र के चंडिका गांव निवासी सलमान, गुलफाम और नूर हसन की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।