रामपुर में कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार का फोटो।
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शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सपा सरकार में बनाई गई झील अब तक चालू नहीं हो सकी है। यह हाल तब है जब इस झील का तत्कालीन मुख्यमंत्री शुभारंभ भी कर चुके हैं। 24 करोड़ की लागत से बनी झील में शानदार पार्क और फूड प्लाजा भी बना है, लेकिन निर्माण एवं अविकल्पीय सेवाएं (सीएंडडीएस) अब तक इसका हस्तांतरण नहीं करा सका है, जिस कारण झील चालू नहीं हो सकी है।
सिस्टम की सुस्ती के चलते करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। समाजवादी सरकार में शहर में कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर काम चला। बाजारों को व्यवस्थित करने के लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की बात हो या फिर सड़कों के निर्माण की।
यही नहीं खिलाड़ियों की प्रतिभा को उभारने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनवाया गया। इसके साथ ही शहर को पर्यटन की दिशा में भी आगे बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ। दरअसल, नैनीताल जाने वाले देशभर के पर्यटक बड़ी तादाद में रामपुर होकर गुजरते हैं।
ऐसे में यदि यहां पर्यटन की दिशा में काम हो तो न सिर्फ परोक्ष और अपरोक्ष रूप से रोजगार बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी देशभर में रामपुर की पहचान होगी। लिहाजा, सरकार की ओर से ऐतिहासिक दृष्टि से खूबसूरत गांधी समाधि बनाई गई। साथ ही शहर में झील और शानदार पार्क बनाया गया।
पुलिस लाइन के पास खाली पड़े तालाब में बनी यह झील बेहद खूबसूरत है। झील के चारों ओर हरी घास है। 24 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट सपा शासन में ही पूरा भी हो गया था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामपुर आकर इसका शुभारंभ किया लेकिन सीएंडडीएस की सुस्ती के चलते प्रोजेक्ट का संचालन नहीं हो पा रहा है।
इसकी वजह है कि अभी किसी विभाग को इस परियोजना का हस्तांतरण नहीं किया गया, जिसके चलते करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी झील में ताले लटके हुए हैं। झील भी सूखी पड़ी है। लोग झील देखने जाते हैं, लेकिन गेट बंद होने की वजह से मायूस होकर लौटकर आ जाते हैं।