कोसी नदी के क्षेत्र में अवैध खनन बंद नहीं हो सका। जब रोकने वाले ही माफिया के आगे नतमस्तक हो चुके हैं तो कौन रोकेगा? इलाके में उत्तराखंड की तरह पीएसी लगाने पर भी कोई विचार नहीं है।
एक तरफ खनन न होने के दावे हो रहे हैं वहीं खनन होने का प्रमाण कोसी नदी से सटे स्टोन क्रेशर हैं जहां करोड़ों रुपये का कोसी नदी से निकला रेता डंप है। इससे साफ जाहिर है कि खनन बेधड़क जारी है। रविवार को ली गई तस्वीरें भी अवैध खनन की गवाह हैं। क्षेत्र के जमना जमनी और पट्टी कला, मुकंदपुर, बेलबाड़ा, कोसी घाटों पर अवैध खनन धड़ल्ले के साथ हो रहा है। प्रतिदिन ट्रैक्टर ट्रालियां, डंपर इस काम को अंजाम दे रही है। दर्जनरों ट्रैक्टर ट्रालियों द्वारा कोसी नदी से रेता निकालकर रातों रात नदी से सटे स्टोन क्रेशरों को ले जाकर डंप किया जा रहा है।
नदी से सटे गांवों के ग्रामीणों द्वारा उपजिलाधिकरी से शिकायत के बाद भी अवैध खनन रुकने का नाम नही ले रहा है। इसके अलावा आसपास के गांवों में स्थित तालाबों में अवैध रूप से मिट्टी का उठान जेसीबी मशीनों से कराया जा रहा है। लेकिन पुलिस प्रशासन इन खनन करने वालों पर अंकुश लगाने में नाकाम है। जबकि स्वार-रामपुर-बाजपुर मार्ग, मसवासी पट्टी मार्ग में रेता बजरी से भरे ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ मात्र खानापूर्ति ही कर रहा है। ओवरलोड वाहनों के संचालन से मार्गों की हालत क्षतिग्रस्त होने लगी है। मार्ग गड्ढों में तब्दील हो रहा है।