रामपुर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव पंजाबनगर निवासी रजिया बी की दो वर्ष पहले पेट्रोल डालकर जलाकर मारने के मामले में मंगलवार को कोर्ट ने दंपती समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना लगाया है।
पंजाबनगर गांव निवासी खुर्शीद ने 12 मार्च 2023 को सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि गांव निवासी आरिफ, उसकी पत्नी माबिया और जहांआरा पत्नी सईद अहमद ने रंजिश के चलते घर में घुसकर उसकी पत्नी रजिया बी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिससे उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई। उसने पत्नी को उपचार के लिए दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराया। जहां पर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों नामजदों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने 22 जून 23 को मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
सुनवाई के दौरान अभियोेजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने दलील देते हुए कहा कि आरोपियों ने महिला पर पेट्रोल डालकर मौत के घाट उतारा है। इसलिए आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान गवाहों ने भी घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मृतका रजिया ने मृत्यु से पहले तहसीलदार के समक्ष बयान भी दर्ज कराए थे। जिसमें आरोपियों के नाम लिए गए थे। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अधिकतर गवाहों ने घटना का समर्थन नहीं किया है। लिहाजा आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने आरिफ और उसकी पत्नी माबिया व जहांआरा पत्नी सईद अहमद को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव पंजाबनगर निवासी रजिया बी की दो वर्ष पहले पेट्रोल डालकर जलाकर मारने के मामले में मंगलवार को कोर्ट ने दंपती समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना लगाया है।
पंजाबनगर गांव निवासी खुर्शीद ने 12 मार्च 2023 को सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि गांव निवासी आरिफ, उसकी पत्नी माबिया और जहांआरा पत्नी सईद अहमद ने रंजिश के चलते घर में घुसकर उसकी पत्नी रजिया बी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिससे उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई। उसने पत्नी को उपचार के लिए दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराया। जहां पर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों नामजदों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने 22 जून 23 को मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
सुनवाई के दौरान अभियोेजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने दलील देते हुए कहा कि आरोपियों ने महिला पर पेट्रोल डालकर मौत के घाट उतारा है। इसलिए आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान गवाहों ने भी घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मृतका रजिया ने मृत्यु से पहले तहसीलदार के समक्ष बयान भी दर्ज कराए थे। जिसमें आरोपियों के नाम लिए गए थे। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अधिकतर गवाहों ने घटना का समर्थन नहीं किया है। लिहाजा आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने आरिफ और उसकी पत्नी माबिया व जहांआरा पत्नी सईद अहमद को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।