उत्तराखंड से तेंदुए की खाल को बेचने दिल्ली जा रहे दो अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से तेंदुए की दो खालें बरामद की गई हैं।
सिविल लाइंस पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि दो लोग तेंदुओं की खाल को अवैध रूप से बेचने के लिए दिल्ली के लिए ले जा रहे हैं। उसके बाद पुलिस ने आश्रम पद्धति स्कूल के पास छापा मारकर उन दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। तस्करों ने पूछताछ में अपना नाम थाना टांडा के गांव धीरमपुर निवासी सुरेंद्र और उत्तराखंड के काशीपुर निवासी ओमपाल बताया। दोनों ने बताया कि वे उत्तराखंड में वन्यजीवों का शिकार करने वालों के संपर्क में रहते हैं। उसके बाद खाल उतारके उसे दिल्ली व अन्य राज्यों में बेच दिया करते हैं। उत्तराखंड के वन्य जीव तस्करों से उनके गहरे संबंध बताए गए हैं।
पुलिस ने पूछताछ के बाद वन्य जीव तस्करों को एसपी संजीव त्यागी के सामने पेश किया गया। एसपी ने बताया कि बाघ की खाल की अंतरराष्ट्रीय कीमत लाखों रुपये है। तस्करों को खाल के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों लोग काफी समय से इस काम को कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कोर्ट में पेश किया। जहां से वह जेल चला गया।