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लेखपाल और सचिव को नहीं थी गांव में तालाबों की जानकारी, वेतन पर लगी रोक

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रामपुर। जिलाधिकारी ने लेखपाल और सचिव से गांव में तालाबों की संख्या की सही जानकारी न होने पर जमकर हड़काया। उन्होंने लेखपाल व सचिव का वेतन रोकने के साथ-साथ नोटिस जारी करने के संबंध में निर्देशित किया। शुक्रवार को तहसील टांडा की ग्राम पंचायत बादली स्थित संविलियन प्राथमिक विद्यालय परिसर में निगरानी समिति के सदस्यों की बैठक दौरान यह बात सामने आई।
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जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने निगरानी समिति के सदस्यों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति बाहरी जनपद या दूसरे प्रदेश से वापस अपने घर आता है, तो उसे अनिवार्य रूप से सात दिन का होम आइसोलेशन पूरा करना है। इसके लिए यदि उस व्यक्ति के पास पर्याप्त जगह नहीं है, तो संबंधित प्राथमिक विद्यालय अथवा पंचायत घर में होम आइसोलेशन का प्रबंध किया जाए।
यदि होम आइसोलेशन में रहने वालों में कोविड-19 के लक्षण होते हैं, तो तत्काल उनकी जांच व मेडिकल किट की भी उपलब्धता सुनिश्चित हो जानी चाहिए। इसके साथ ही साफ सफाई एवं सैनिटाइजेशन का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। इसे लगातार चलाया जाए, इसमें किसी भी दशा में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की अनावश्यक भीड़ न एकत्रित हो, क्योंकि इससे कोविड-19 के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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जनपद में कोविड-19 के संक्रमण के मामलों में धीरे-धीरे कमी आ रही है तथा इन मामलों को शून्य स्तर तक ले जाने के लिए सभी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने तहसीलदार टांडा को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत में तालाबों की पैमाइश कराएं। साथ ही सचिव को निर्देशित किया कि तालाब की खोदाई एवं सुंदरीकरण के लिए आगामी एक सप्ताह के भीतर एस्टीमेट तैयार करके कार्य प्रारंभ हो जाना चाहिए, ताकि जरूरतमंद कामगारों को मनरेगा के तहत रोजगार के अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद को अनिवार्य रूप से राशन की उपलब्धता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राशन वितरण व्यवस्था के दौरान फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ध्यान रखा जाए तथा कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे। कोसी नदी में उत्तराखंड से फैक्ट्री के दूषित पानी छोड़े जाने के कारण गांव में स्वच्छ पेयजल की समस्या से ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया, जिस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी टांडा व स्वार को जांच करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि इसके बाद उत्तराखंड के संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पत्राचार करके समस्या का समाधान कराया जाएगा।
ग्रामीणों द्वारा गांव में बाढ़ के दौरान पानी को रोकने के लिए बंधा बनाने के संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जरूरी जांच एवं एस्टीमेट आदि के संबंध में निर्देशित किया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर सचिन राजपूत, सहायक निबंधक सहकारिता आलोक कुमार और जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
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