नगर में रविवार को जैन समाज की ओर से श्रीजी भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा के लिए मार्ग को रंगोली से सजाया गया। रथ पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इंद्र-इंद्राणी और मंगल कलश लिए महिलाएं चलीं। जिस मार्ग से रथयात्रा गुजरी वहां पर भगवान महावीर के जयघोष के साथ स्वागत किया गया।
रथयात्रा की शुरुआत श्री दिगंबर जैन मंदिर से शुरू हुई। रथ पर भगवान महावीर को लेकर खबासी के रूप में नकुल जैन सवार थे। कुबेर अनुराग जैन और रथ के सारथी हिमांशु जैन रहे। रथ के आगे इंद्र के रूप में श्रेयांश जैन, रमेश जैन, धर्म चंद जैन और अजीत जैन रहे। इंद्राणी भी रथयात्रा के साथ चल रही थीं।
मंगल कलश थामे महिलाएं भगवान महावीर का गुणगान करते हुए रथयात्रा में शामिल थीं। रथयात्रा बाजार नसरुल्ला खां, पुरानी तहसील, बाजार सफदर गंज, सर्राफा बाजार, मिस्टन, सराय गेट होते हुए जैन बाग पर पहुंची। यहां पर आरती, पूजन के साथ ही भगवान का अभिषेक किया गया। पूजन डा. ज्ञानेंद्र और सुधा जैन ने किया।
अभिषेक खबासी और इंद्रों की ओर से किया गया। इसके बाद रथयात्रा स्टेट बैंक, राजद्वारा, मिस्टन गंज, गली बैजनाथ होते हुए दोबारा श्री दिगंबर जैन मंदिर पर पहुंची। रथयात्रा में तीन बग्गी, एटा का बैंड, महाराष्ट्र की रंगोली और बड़ौत की झांकी शामिल थी। झांकी में शाकाहार के लिए प्रेरित करते हुए भ्रष्टाचार से बचने की अपील की गई।
एक झांकी पर पांडुकशिला पर नमन करते भगवान महावीर की थी। प्रभु रथ पर हुए सवार नगाड़ा बज रहा, जीवन है पानी की बूंद कब मिट जाए, वर्तमान को वर्धमान की आवश्यकता है, केसरिया-केसरिया शिखर का झंडा है केसरिया आदि भजन बज रहे थे।
इस दौरान अशोक कुमार जैन, विशाल जैन, आशीष जैन, नितेश खंडेलवाल, नितिन जैन बजाज, डा. प्रदीप कुमार जैन, दिनेश कुमार जैन सेठी, अंकुर जैन, दिनेश जैन, राकेश कुमार जैन, देशराज जैन, सुमेर चंद जैन, प्रमोद कुमार जैन, प्रीति जैन खंडेलवाल, रुचि जैन, सोनिया जैन, लीना जैन, अंजू जैन, नीता जैन, डा. शीलू जैन, शीनू जैन, अंकिता जैन रहे।