मुख्यालय से संपर्क टूटने के बाद हजारों ग्रामीण कोसी नदी का रास्ता पार करने के लिए नित नये जुगाड़ कर रहे हैं। इस जुगाड़ के फेर में वे अपनी जिदंगी को भी दांव पर लगा रहे हैं। कोसी नदी में पानी बढ़ जाने के बाद नदी को पार करने के लिए ड्रम व लकड़ियों का सहारा लेकर जुगाड़ की नाव को तैयार कर लिया है। इसी जुगाड़ के सहारे अब वे ग्रामीणों को इधर से उधर ले जा रहे हैं। दुपहिया वाहनों को भी इसमें लादा जा रहा है। यहां कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन सरकारी मशीनरी को इसकी चिंता नहीं है।
लालपुर डैम का नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। डैम के निर्माण के लिए पुराने पुल को तोड़ा जा रहा है। पुराना पुल टूटने के बाद से टांडा का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है। पांच लाख की आबादी इससे बुरी तरह प्रभावित है। इन लोगों को रामपुर आने में तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। इस बीच पुल के आसपास के गांव के हजारों लोगों को भी दिक्कत हो रही है। लंबे फेर से बचने के लिए लोग अपनी जिदंगी को दांव पर लगा रहे हैं। कोसी नदी को पार करने के लिए लोग नदी में खुद ही उतर रहे हैं। इसके साथ ही बैलगाड़ी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी तरह कोसी नदी में पानी बढ़ने के बाद रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
पानी बढ़ने की दिक्कत को दूर करने के लिए लोगों ने जुगाड़ की नाव को तैयार कर लिया है। चार ड्रम के सहारे उस पर लकड़कियां लगाकर नाव तैयार की गई है। इसी नाव के सहारे लोग इधर से उधर जा रहे हैं। हालत लगातार खराब है,लेकिन लोगों की जान की फिक्र सेतु निगम के अफसरों के साथ ही यहां तैनात सुरक्षा गार्डों को भी नहीं है। पुलिस भी यहां मूक दर्शक बनी हुई है। लिहाजा जिदंगी दांव पर लगाकर लोग रोजाना अब नदी पार कर रहे हैं।