कोसी नदी की बाढ़ से बचाने वाला कोसी का बांध भी अवैध खनन से खतरे में पड़ गया है। बांध किनारे खनन से बांध के ध्वस्त होने की पूरी संभावना है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बना बांध क्षतिग्रस्त हुआ तो सैकड़ों गांवों को संकट पैदा कर देगा। लेकिन प्रशासन और पुलिस अवैध खनन रोकने में फेल साबित हो रही है।
स्वार और टांडा तहसील में कोसी घाटों पर अवैध खनन के धंधेबाजों द्वारा किसानोें की फसलें बर्बाद की जा रही हैं। वहीं 14 करोड़ की लागत से बने मुंशीगंज से लेकर लालपुर बांध पर खतरा मंडराने लगा है।
हाईकोर्ट द्वारा नदियों से खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश काफी समय से जारी किये गए हैं, लेकिन खनन माफिया के कार्य में लिप्त होने के कारण पुलिस प्रशासन खनन पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। जिसके चलते तहसील क्षेत्र के गांव घोसीपुरा पट्टी कला, करीमपुर, जमना जमनी, फाजलपुर, सोनकपुर आदि कोसी घाटों पर जेसीबी, पोकलेंड मशीनों द्वारा अवैध खनन धड़ल्ले के साथ किया जा रहा है।
खनन माफियाओं द्वारा बांध के नजदीक से दिन रात खनन करने से 14 करोड़ की लागत से बने बांध पर खतरा मंडराने लगा है। जिससे आसपास के ग्रामीण खनन के इस अवैध धंधे से खासे परेशासन हैं।