मसवासी क्षेत्र की हरी मिर्च ने यहां के किसानों के जीवन में ‘मिठास’ घोल दी है। या यूं कहे कि हरी मिर्च ने किसानों का मालामाल कर दिया है। मसवासी की हरी मिर्च ने दूसरे राज्यों में धूम मचा रखी है। मिर्च की खरीदारी के लिये आये दूसरे राज्यों से व्यापारी यहां डेरा डाले हुए हैं।
इस वर्ष मसवासी क्षेत्र में हरी मिर्च की पैदावार बंपर हुई है।
खेतों में हरी मिर्च की फसल लहलहा रही है। थोक का भाव साढ़े सात हजार रुपये कुंतल मिलने से किसानों के चेहरे खुशी से खिले हुए हैं। यहां से हरी मिर्च का निर्यात मुंबई, चेन्नई, दिल्ली आजादपुर सब्जी मंडी, इंदौर व उत्तराखंड को किया जा रहा है। हरी मिर्च की खरीदारी के लिये दूर दराज के व्यापारी उत्तराखंड के शहर बाजपुर के होटलों में ठहरे हुए है।
खेतों से हरी मिर्च की खरीदारी साढ़े सात हजार रुपये कुंतल की जा रही है। किसान राम निवास, हरी कुमार, निरोत्तम सिंह, मोतीपुरा निवासी खड़ग सिंह, जमना प्रसाद आदि ने बताया कि अन्य वर्षों की अपेक्षा मिर्च की फसल बंपर हुई है। मिर्च की फसल को निरोगी रखने के लिये समय समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया।
भाव मिलने से अन्य फसलों की अपेक्षा मिर्च की फसल ने आंसू पोंछ दिये है।
आढ़ती व व्यापारी नरेश कुमार, मोहम्मद हनीफ, ताज मोहम्मद, हरकेश सिंह, मुकुल देव सिंह आदि ने बताया कि चार बीघा खेत में भी एक बार की तुड़ाई में दस-दस कुंतल मिर्च निकली है। मिर्च की बड़े पैमाने पर हुई पैदावार ने किसानों को खुशहाली की राह दिखा दी है।