मोदी फैक्ट्री और दुर्गनगला के किसानों के बीच समझौता हो गया है। इसके तहत फैक्ट्री द्वारा कराए जाने वाले कराए जाने वाले कार्यों में भी पचास फीसदी की हिस्सेदारी रखने का समझौता हुआ है। ग्रामीणों को नौकरी व गांव को बिजली देने की भी बात भी हुई है। इन बिंदुओं पर हुए समझौते के बाद आखिरकार किसानों और फैक्ट्री के बीच चल रहा विवाद थम गया है। आंदोलन भी स्थगित कर दिया गया है।
मोदी फैक्ट्री में नौकरी दिलाने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। फैक्ट्री के सामने किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। एक बार समझौते के बाद दुर्गनगला के ग्रामीणों ने दो दिन पहले फिर से धरना शुरू कर दिया था। शनिवार को भी यह धरना जारी रहा। शनिवार को धरने को खत्म कराने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन और किसानों के बीच समझौता वार्ता हुई।
किसानों ने अपनी मांगों को फैक्ट्री प्रबंधन के सामने रखा, जिसे फैक्ट्री प्रबंधन ने मान लेने की बात कही। साथ ही भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। दोनों के बीच हुए समझौते के तहत दुर्गनगला गांव के 80 किसानों के परिवारों को एक-एक व्यक्ति को उसकी योग्यतानुसार फैक्ट्री में नौकरी देने, गांव को बिजली देने, मोदी फैक्ट्री, मोदी होटल व इनबोलमेंट पार्क के भीतर कराए जाने वाले कार्यों में पचास फीसदी काम किसानों से कराने की बात कही है। इसके लिए जेए कंसट्रक्शन कंपनी भी बनाई गई है।
फिलहाल इन सब बिंदुओं पर समझौता हो गया है। समझौते के दौरान किसानों की ओर से जफर, जुबैर अहमद, अरशद अली, आसिम खां, खालिद अली, फईम, सलीम, बल्लू, फारुख खां, इल्यास, नासिर, हबीब, राशिद, असलम खां मौजूद रहे। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से गौरव आर्य, एस रहमान आदि रहे।