कहीं शिव के भजनों की धुन पर नृत्य करते कांवड़िये तो कहीं भोले के जयकारों के बीच बढ़ता जत्था। कहीं झूमते गाते भक्तों का स्वागत करते श्रद्धालुओं का जमावड़ा। सुबह शुरू हुआ यह सिलसिला अनवरत दिन भर चलता रहा। हाईवे से लेकर शिवालयों तक भोले की भक्ति के रंग में डूब गए। मौका था सावन के आखिरी सोमवार के मौके पर पहुंची कांवड़ यात्रा का।
सावन के महीने में शिवालयों में शिवलिंग का जलाभिषेक महत्वपूर्ण माना जाता है। सोमवार का दिन सावन माह का आखिरी सोमवार होगा। इस दौरान हजारों कांवड़िये जलाभिषेक करने के लिए शिवालयों तक पहुंचेंगे। रविवार को हजारों कांवड़ियों का सैलाब कांवड़ लेकर रामपुर पहुंच गया। रविवार की सुबह से ही कांवड़ियों की भीड़ हाईवे पर जुटी रही।
कांवड़ियों का जत्था दिनभर यहां लगा रहा। कोसी पुल से लेकर मिलक और फिर पंजाब नगर तक के मंदिरों में पहुंचने के लिए कांवड़ियों के जत्थे पहुंचते रहे। दिनभर कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। कांवड़ियों के पहुंचने पर शिवभक्तों ने जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह कैंप लगाकर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। स्वागत का सिलसिला दिनभर चलता रहा। हाईवे पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
इसके साथ ही पार्कों से लेकर रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, धर्मशालाओं तक में कांवड़िये आराम करते रहे। लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में भी कांवड़ियों के जत्थे कुछ देर के लिए रुके। इसके साथ ही हाईवे पर भोले की भक्ति में कांवड़िये ही नहीं अन्य लोग भी झूमते रहे। कई कैंप में डीजे की धुन पर नृत्य चलता रहा। दिनभर कांवड़ियों का रैला हाईवे से होता हुआ शिवालयों तक पहुंच गया।