तहसील का तमगा तो स्वार को मिल गया लेकिन विकास के नाम पर पिछड़ गया। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण ग्रामीण इलाकों की सड़कें जर्जर हाल में हैं। उत्तराखंड से जोड़ने वाला मसवासी-काशीपुर मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। जिसकी वजह से निजी बसों का संचालन ठप हो चुका है। े
सड़कों में जलभराव और धूल के कारण ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार विधायक और सांसद से मांग उठाई जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस कारण लोगों को काशीपुर-मसवासी मार्ग पर डग्गामार वाहनों से जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के लिए यहां के लोग जनप्रतिनिधियों का मुंह ताक रहे हैं।