गांव सुल्तानपुर निवासी जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम को
शुक्रवार दोपहर रामपुर में पुलिस के गिरफ्तार करने पर समर्थक भड़क गए। तमाम
लोग जिला मुख्यालय पहुंच गए। शाम को आक्रोशित लोगों ने हाईवे किनारे
हंगामा किया। रिहा होने की खबर पर सभी लोग शांत हुए।
गिरफ्तारी की खबर
सुनकर उनके गांव सुल्तानपुर और पंजाबनगर समेत आसपास के गांव के लोगों में
रोष फैल गया। लोग जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। शाम को जिला पंचायत
अध्यक्ष के भाई और मनकरा किसान सेवा सहकारी समिति के पूर्व सभापति अबुल
कलाम के नेतृत्व में लोग ग्राम पंजाबनगर में नैनीताल हाईवे किनारे एकत्र हो
गए।
लोगों ने रिहाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। बिलासपुर और भोट
पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ राधेश्याम ने मौके पर पहुंचकर सभी को बताया कि
जिला पंचायत अध्यक्ष को रिहा कर दिया गया है, तो लोग शांत हुए। रात साढ़े
सात बजे सलाम अपने गांव पहुंचे।
समर्थकों ने उनका हाईवे किनारे स्वागत
किया। इस मौके पर भटपुरा प्रधान जकी अब्बास, मोहम्मद आसिम रजा, गौहर अली,
जमील अहमद, जमीर अहमद, सद्दाम, निसार अहमद, डा. निसार अहमद, गुड्डू, शकील
अहमद, राशिद अली, रियाज अहमद आदि मुख्य थे।
जिला
पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम की गिरफ्तारी के विरोध में अब आंदोलन की
रणनीति तैयार की जाएगी। जिला पंचायत समर्थकों ने शनिवार को इस मुद्दे पर
बैठक बुलाई है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि आंदोलन की रणनीति के लिए
पूर्वाह्न 11 बजे बैठक बुलाई गई है। जो भी निर्णय होगा वो सबके सामने आएगा।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जाहिदा सलाम ने अपने जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज
अब्दुल सलाम की गिरफ्तारी के कुछ मिनट बाद ही मुख्यमंत्री को फैक्स कर
दिया। उन्होंने डीआईजी समेत अन्य अफसरों को फैक्स भेजकर शिकायत की कि पुलिस
ने उनके पति को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वो नमाज अदा कर लौट रहे थे। पुलिस नहीं बता
रही है कि वो कहां हैं। उन्होंने सलाम की हत्या की भी आशंका जाहिर की।
धरने के ऐलान के बाद एक्टिव हुई पुलिस ने जिला पंचायत परिसर को
दोपहर में ही सील कर दिया। यहां पर पुलिस ने गेटों पर ताले लगा दिए। यहां
पर लोगों की आवाजाही को रोक दिया गया। जिला पंचायत के अलावा पुलिस लाइन में
भी बाहरी लोगों का आवागमन रोक दिया गया। जितनी भी देर सलाम पुलिस लाइन में
रहे, इस दौरान न तो उनके समर्थकों को जाने दिया गया और न ही मीडिया को
इंट्री करने दी गई।