पंचायत चुनाव में धांधली के खिलाफ धरना देने का ऐलान करने पर पुलिस ने समर्थकों समेत जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम को गिरफ्तार कर लिया। बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष को जमानत पर रिहा कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। समर्थक उनके आवास पर जुट गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम और प्रशासनिक अफसर आमने-सामने हैं। सलाम ने आखिरी चरण का चुनाव निपट जाने के बाद गुरुवार को प्रशासन पर चुनाव में धांधली बरतने का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत परिसर में धरना देने का ऐलान किया था। शुक्रवार अपराह्न पुलिस ने जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम को गिरफ्तार कर लिया।
सलाम को पुलिस ने नवाब गेट के पास से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वो जुमे की नमाज अदा करके लौट रहे थे। उनके साथ ही पुलिस ने चार समर्थकों जैनुअल, मुमताज, शाकिर, परशुराम को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस सभी को पुलिस लाइन ले गई। सलाम की गिरफ्तारी की सूचना के बाद समर्थकों में गुस्सा व्याप्त हो गया।
जानकारी के बाद समर्थक जिला पंचायत अध्यक्ष के सरकारी आवास पर एकत्र होने लगे। पुलिस ने उन्हें भी शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए सलाम और उनके चार समर्थकों को जमानत पर रिहा कर दिया। सलाम रिहा होने के बाद सरकारी आवास पहुंचे।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वो धरना देने जा रहे थे। धरना देना इस वक्त निषेधाज्ञ के साथ ही आचार संहिता का उल्लंघन है। शांतिभंग नहीं होने दी जाएगी।
वहीं, हाफिज अब्दुल सलाम ने कहा कि पुलिस ने उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। पुलिस और प्रशासन की इस कदम का विरोध किया जाएगा। इसके लिए समर्थकों की आपात बैठक शनिवार को बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।