रामपुर में शुक्रवार को मदरसा कोहना में कब्रिस्तान से निकाली गई मिट्टी।
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मदरसा कोहना के कब्रिस्तान में करीब 15 दिन से दो जेसीबी खुदाई कर रही थीं। कुछ लोग कब्रिस्तान की मिट्टी उठाकर ले जा रहे थे। जेसीबी से कब्रों के निशान भी मिटा डाले। मोहल्ले के लोग यह सब देखते रहे पर कोई जुबान नहीं खोल सका। खुदाई से जब मानव अस्थि पंजर बाहर दिखाई देने लगे तो लोगों में गुस्सा भड़क उठा।
बसपा के नगर विधानसभा प्रभारी डा. तनवीर अहमद खां के पास पहुंचे। उन्होंने कब्रिस्तान की खुदाई की बात बताई। इतना सुनते ही डा. तनवीर अहमद समर्थकों के साथ कब्रिस्तान पर पहुंचे। डा. तनवीर के पहुंचने पर मुहल्ले के लोग भी घरों से निकल आए।
कब्रिस्तान में जब हड्डियां पड़ी देखीं तो लोगों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने खुदाई रुकवाकर जेसीबी चालक को खदेड़ दिया। मोहल्लेवाले डा. तनवीर अहमद के नेतृत्व में सड़क पर आ गए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जेल रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि कब्रिस्तान से सैकड़ों ट्रक मिट्टी उठाकर बेंच डाली।
ध्वस्त किया जा चुका है नवाब का मकबरा -मदरसा कोहना के कब्रिस्तान में रियासत रामपुर के शासक रहे नवाब मोहम्मद अली खां मकबरा भी था, जो 15 फरवरी की रात ध्वस्त कर दिया गया। नवाब मोहम्मद अली रामपुर रियासत के संस्थापक नवाब फैजुल्लाह खां के बड़े बेटे थे। कब्रिस्तान में कई आलिमों की भी कब्रें हैं।
इनमें शायर कायम चांदपुरी और मदरसा आलिया के मौलवी की भी कब्रें शामिल हैं। नवाब का मकबरा ध्वस्त करने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली थी। मदरसा कोहना के कब्रिस्तान में सिर्फ दो पक्की कब्रों के निशान बचे हैं। बाकी कब्रों का नामों निशां नहीं बचा है। कब्रिस्तान से कई फुट मिट्टी उठाकर तालाब की शक्ल का बना दिया।
मदरसा कोहना के कब्रिस्तान से मिट्टी निकाले जाने के मामले जिलाधिकारी अमित किशोर का कहना है कि उनकाे इसकी जानकारी नहीं है। किस कब्रिस्तान में खुदाई की जा रही है। एसडीएम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। उसकी बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि कौन खुदाई करा रहा है।