रामपुर। जौहर ट्रस्ट की जमीन की खरीद में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने के आरोप में एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में दर्ज वाद की सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां के वकील ने पक्ष रखने के लिए वक्त मांगा है। एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट ने आजम खां के वकील के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 10 सितंबर निर्धारित कर दी है।
सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाली मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के नाम पर लगभग 160 एकड़ जमीन खरीदी गई है। जमीन खरीद के मामले में ट्रस्ट को चैरिटी के काम करने की शर्त के आधार पर स्टांप शुल्क में छूट दी गई थी। इस मामले में शिकायत की गई थी कि ट्रस्ट द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया है। इस आधार पर पूरे मामले की जांच पिछले साल तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी को सौंपी गई थी। तिवारी ने जांच में आरोप को सही पाया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम की कोर्ट में वाद दर्ज कर लिया गया था, जिसे सुनवाई के लिए एडीएम की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस मामले में एडीएम कोर्ट की ओर से ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने नोटिस रिसीव नहीं किया था। इसके बाद नोटिस को समाचार पत्र में प्रकाशित कराया गया था। दो बार नोटिस जारी करने के बाद भी जौहर ट्रस्ट की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई सामने नहीं आया था। एडीएम की कोर्ट में शुक्रवार को मामले की सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान ट्रस्ट की ओर पक्ष रखने के लिए एक अधिवक्ता ने अपना वकालतनामा दाखिल किया था। आजम खां के अधिवक्ता ने पक्ष रखने के लिए एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट वक्त मांगा है। कोर्ट ने अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते सुनवाई की अगली तिथि 10 सितंबर निर्धारित की है।