इस्लामिक रिसर्च सेंटर जमात एहले हदीस के जलसे में उलमा ने मुसलमानों से कुरान और सुन्नतों पर अमल करने की ताकीद की। इख्तेलाफ खत्म करने पर जोर दिया। दिल्ली दरबार में जलसे का आगाज शादाब ने कुरान की तिलावत से किया। जलसे का मौजू था मौजूदा दौर में हमारी जिम्मेदारी। शेख अबुतमीम कमरुज्जमा सलफी ने जलसे को खिताब किया।
उन्होंने कहा कि मआशरे में बुराइयां पैदा हो रही है। दिलों में नफरत और दुश्मनी रख रहे हैं। ऐसा कतई नहीं होना चाहिए। मौलाना ने कहा कि आपस में जो इख्तलाफ हैं उन्हें खत्म किया जाए। कुरान और सुन्नतों पर इत्तेहाद किया जाए। इस दूसरे से मुहब्बत करो।
सैयद शहाब मियां ने कहा कि मुसलमान कुरान और हुजूर की सुन्नतों पर अमल करें। जलसे की सदारत सैयद शहाब मियां और निजामत मौलाना अब्दुल बासित नदवी ने की। जलसे में रागिब खां, नासिर, अतीक उर्रहमान, गुलवेज, मोहम्मद जमां, डा. अनीस अहमद भी थे।