रामपुर। बिलासपुर क्षेत्र के खजुरिया कला गांव में करीब दस दिन पहले बच्चे में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) की पुष्टि होने के बाद उसका हल्द्वानी के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
बुधवार को भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली की टीम गांव पहुंची और आसपास हो रहे सुअर पालन से सुअरों के छह सैंपल लिए। इसके अलावा गांव और आसपास के गांवों से मुर्गी, बत्तख और बकरियों के 10 सैंपल भी एकत्र किए गए।
टीम मौके से सभी 16 सैंपल जांच के लिए अपने साथ ले गई। इनकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में आने की संभावना है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि बीमारी का स्रोत गांव में मौजूद पशुओं से जुड़ा है या संक्रमण कहीं दूसरे स्थान से आया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि आईवीआरआई बरेली की टीम ने गांव पहुंचकर सुअरों के छह और मुर्गी, बत्तख व बकरियों के 10 सैंपल लिए हैं। सभी 16 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के स्रोत की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।