ग्राम केशगढ़ के गुरमत समागम में 70 लोगों ने किया अमृतपान, बने गुरुवाले
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंजाब से आए कथावाचक भाई रणजीत सिंह ढंडरिया वालों ने कहा है कि सभी लोग प्रभु की भक्ति सच्चे मन से करें। भगवान दर्शन देने के लिए स्वच्छ कपड़े नहीं, बल्कि स्वच्छ मन देखते हैं। सच्चे मन के बिना कोई भी भगवान के दर्शन नहीं कर सकता। पंज प्यारों ने 70 लोगों को अमृतपान कराकर गुरुवाला बनाया।
कथावाचक भाई रणजीत सिंह ढंडरिया वाले ने शुक्रवार को अंतिम व तीसरे दिन क्षेत्र के ग्राम केशगढ़ में आयोजित तीसरे सालाना महान गुरमत समागम में संगत को निहाल किया। सुबह करीब दस बजे श्री गुरु महाराज जी की सुसज्जित पालकी दीवान हाल बीच पहुंची, जहां विधिवत ढंग से प्रकाश किया गया।
इसके बाद पंजाब से आए महान कथावाचक भाई रणजीत सिंह ढंडरिया वालों ने कहा कि आज लोग सुख शांति पाने के लिए इधर भटक रहे हैं। अगर सुख शांति चाहिए तो गुरु के नाम का जाप करो। सच्चे मन से गुरु का जाम करने से सुख शांति के साथ साथ दुनिया भर की सारी खुशियां मिल जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रभु बाहर की सुंदरता नहीं देखते हैं। वह भक्त के स्वच्छ मन के भाव को ही चाहते हैं।
कथावाचक के साथ आए भाई गुरप्रीत सिंह के जत्थे ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। ज्ञानी हरप्रीत सिंह के जत्थे ने भी शबद कीर्तन के जरिये युवा वर्ग को नशे से दूर रहने की नसीहत दी। उन्होंने श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के जीवन पर भी प्रकाश डाला। पंज प्यारों ने 70 लोगों को अम़ृतपान कराकर गुरुवाला बनाया।
सेवा में पूरे दिन सभी केशगढ़वासी व इलाका की संगत जुटी रही। व्यवस्था में सिमरनजीत सिंह, मंगल सिंह, बूटा सिंह, हरदीप सिंह, चरन सिंह, कुलविंदर सिंह, आजाद सिंह आदि मुख्य थे।
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राज्यमंत्री ने भी लिया आशीर्वाद
यूपी-उत्तराखंड से आई संगत व राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, आगरा कारसेवा वाले बाबा पाल सिंह, नादेड़ साहिब वाले बाबा गुरप्रीत सिंह, नानकपुरी वाले बाबा गुरजंट सिंह, बाबा चंदन सिंह, तेजेंद्र सिंह बिर्क, ब्लाॅक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख आदि ने श्री गुरु महाराज जी की सुसज्जित पालकी के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद लिया। दीवान शाम चार बजे तक चला। लंगर की व्यवस्था दिल्ली कार सेवा वाले बाबा बचन सिंह व नानकपुरी टांडा वाले बाबा गुरजंट सिंह ने की।