आज से करीब 15 साल पहले सिंचाई विभाग को बेची गई जमीन को तीन भाइयों ने दोबारा दो लाख रुपये में बेच दिया। मामला संज्ञान में आते ही सिंचाई विभाग हरकत में आ गया और प्रकरण की जांच के बाद आरोपी तीनों भाइयों के खिलाफ फर्जीवाड़े के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है।बताया जा रहा है कि संबंधित जमीन का सिंचाई विभाग के पक्ष में दाखिल खारिज न होने से खतौनी पर आरोपी तीनों भाइयों के ही नाम चल रहे हैं। जिस कारण यह तीनों सितंबर 2024 में धनुपुरा निकट शाहदरा के अशफाक हुसैन पुत्र अफसर अली नाम बैनामा कराने में सफल हुए हैं।
बताया जा रहा है कि लालपुर-धनौरी के बीच कोसी नदी पर तटबंध बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने 15 मई 2010 को रुस्तमनगर निकट छपर्रा निवासी तीन भाइयों मसीता व रईसा एवं हफीजा से उनकी जमीन खरीदी थी। इस जमीन का गाटा-466 रकबा 0.0510 हेक्टेयर है। सिंचाई विभाग ने यह जमीन कुल 50,408 रुपये में खरीदी थी। जिसका मुआवजा भी इन तीनों भाइयों को बतौर चेक दिया था।
इसमें मसीता को 16,802 रुपये, रईसा को 16,803 रुपये और हफीजा को 16,803 रुपये मुआवजा मिला था। लेकिन, एक लंबा अरसा बीत गया, सिंचाई विभाग ने इस जमीन का दाखिल खारिज नहीं कराया। जिससे इन्हीं तीनों भाइयों का नाम राजस्व अभिलेखों में अभी भी चल रहा है। जिसका लाभ उठाकर इन लोगों ने अभी 10 सितंबर 2024 को धनुपुरा निकट शाहदरा के अशफाक हुसैन पुत्र अफसर अली के नाम से बैनामा कर दिया।
प्रकरण पता चलते ही अधिशासी अभियंता नवीन कुमार सिंह सींचपाल अनिल कुमार सागर को धोखाधड़ी करने वाले तीनों भाइयों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। उधर, सींचपाल की तहरीर पर स्वार थाने में एक जनवरी की तिथि में आरोपियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर भी दर्ज हो गई है।
उधर, कोतवाल कुलदीप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जांच भी शुरू हो गई है। आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा।
दाखिल खारिज के लिए किया आवेदन, निरस्त होगा आरोपी का बैनामा
रामपुर नहर खंड के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार सिंह ने बताया कि आज से 15 साल पहले जब जमीन खरीदी गई, उसके बाद दाखिल खारिज क्यों नहीं हो पाया। क्या परिस्थितियां रहीं, इस बारे में वह स्पष्ट नहीं बता सकते। लेकिन, वह जमीन बिकने की बात जब सामने आई तो उन्होंने तीनों आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है और साथ ही स्वार तहसील में दाखिल खारिज के लिए आवेदन भी कर दिया है। उधर, सहायक अभियंता ताबिश अली ने बताया कि वर्तमान में रुस्तमनगर निकट छपर्रा में चकबंदी चल रही है। यहां के प्रधान अर्जुन सिंह ने कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग के तटबंध के पास वाली जमीन दूसरे को बिक जाने की बात बताई थी। इसके बाद मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में देकर जांच की गई। शिकायत सही मिलने पर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की गई है। अब आरोपी तीनों भाइयों ने जिस व्यक्ति को बैनामा किया है, वह बैनामा पत्र निरस्त कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने धोखाधड़ी करते हुए दूसरे व्यक्ति को दो लाख रुपये में जमीन बेची है।