रामपुर। खेतों की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग ने उत्तराखंड की कोसी नदी से 300 क्यूसेक पानी की मांग की है। उत्तराखंड को सिंचाई विभाग ने पानी की डिमांड भी भेज दी है, ताकि गर्मी के मौसम में किसानों को खेतों की सिंचाई करने में परेशानी का सामना न करना पड़े, जिसके लिए यह कदम उठाया गया है।
वर्तमान में रामपुर में 35 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र है, जहां किसान अपनी फसल की पैदावार करते हैं और अपनी आजीविका चलाते हैं। गर्मी शुरू होने पर नदियों का जलस्तर घट जाता है और पानी की कमी की वजह से लोग सिंचित क्षेत्र में खेती करने में परेशानी का सामना करते हैं। इसके लिए किसानों ने सिंचाई विभाग से पानी की मांग की थी। इसके बाद सिंचाई विभाग ने उत्तराखंड सिंचाई विभाग से संपर्क साधा है। गर्मी में किसानों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। किसानों की समस्याओं को देखते हुए सिंचाई विभाग ने उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के क्षेत्र गूलरभोज स्थित हरिपुरा और बौर जलाशय से पानी मांगा है। हालांकि रामपुर में पानी कोसी, ढकरा, भाखड़ा, नाहर नदी के जरिए आता है, लेकिन अभी पहले चरण में सिंचाई विभाग ने कोसी नदी के लिए 300 क्यूसेक पानी के लिए कहा है। कोसी नदी से उसकी सहायक 26 नहरें जुड़ी हुई हैं। जिनसे पानी खेतों तक पहुंचता है। जल्द ही उत्तराखंड की ओर से पानी छोड़ा जाएगा, जिसके बाद किसान खेती कर सकेंगे।
93 नहरों की हो चुकी साफ-सफाई
सिंचाई विभाग ने जनपद की 93 के करीब नहरोंं की साफ-सफाई करा दी है। अब साफ-सफाई के बाद खुलकर खेतों में पानी पहुंच सकेगा।
गर्मियां शुरू होने पर किसानों को पानी की आवश्यकता होती है। किसान अपनी फसल को लगाते हैं। ऐसे में इस समय पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है। - हसीब अहमद, भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट
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जमरानी बांध को अभी वक्त है। ऐसे में अभी तो हरिपुरा और बौर जलाशय पर आश्रित हैं। इस समय किसानों को पानी की आवश्यकता है उनको पानी मिलना चाहिए।
- हनीफ वारसी, भारतीय किसान यूनियन भानु गुट
उत्तराखंड से कोसी नदी के लिए 300 क्यूसेक पानी की डिमांड की गई है। पानी मिलने के बाद किसान अपनी खेती कर सकते हैं। इसके बाद यदि पानी की आवश्यकता होगी तो और पानी की मांग की जाएगी। - सियाराम, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, रामपुर